चीन की भारत से पुरानी चिढ़
तिब्बत में बौद्धों के सर्वोच्च धार्मिक नेता दलाई लामा की वजह से चीन की भारत से पुरानी चिढ़ रही है, जो कि मसूद अजहर समेत कई और मामलों में दिखती रही है। 195० में 15 साल की उम्र में ही बौद्धों के सर्वोच्च गुरु बने थे और यह वही साल है, जब चीनी फौज ने तिब्बत को कब्जे में ले लिया था। 1959 में दलाई लामा ने तिब्बत से भागकर भारत की शरण ली थी। बीजिग में रह चुके एक भारतीय राजनयिक ने एक बार कहा था कि चीन के लिए दलाई लामा ठीक उसी तरह हैं, जिस तरह भारत के लिए लश्कर-ए-तैएबा का सरगना हाफिज सईद है।

बड़ी शक्तियों की शह के चलते ही आतंकी सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस को धता बताता रहा है। वह पाकिस्तान के फौजी ठिकानों पर भी हमला कर चुका है। यही नहीं, वह पाकिस्तान के पूर्व फौजी शासक परवेज मुशर्रफ पर भी दो बार हमला कर चुका है। जानकार बताते हैं कि इन सबके बावूजद अगर पाकिस्तान में वह फलफूल रहा है, तो एकमात्र वजह यही है कि भारत के खिलाफ उसकी उपयोगिता बरकरार है।