एईएस एवं जेई से ग्रसित रोगियों की मृत्यु दर में अप्रत्याशित कमी
लखनऊ, 11 फरवरी। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 रोग की रोकथाम एवं इससे ग्रसित मरीजों के उपचार हेतु 31 जनवरी, 2019 तक की गई कार्यवाही से रोगियों की मृत्यु दर में अप्रत्याशित कमी आई है। यह उपलब्धि चिकित्सा विभाग एवं अन्य विभागों के अथक प्रयासों की वजह से प्राप्त हुई है। सचिव चिकित्सा श्रीमती वी0 हेकाली झिमोमी ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि बी0आर0डी0 मेडिकल कालेज गोरखपुर एवं प्रदेश के अन्य उपचार केन्द्रों में भर्ती रोगियों के वर्ष 2018 एवं 2019 की अवधि में तुलनात्मक विवरण से स्पष्ट है कि ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 के प्रकोप में अप्रत्याशित कमी आयी है। 

सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में  31 जनवरी 2018 तक ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 से ग्रसित भर्ती रोगियों की संख्या 166 थी जबकि इसी अवधि में 2019 तक भर्ती रोगियों की संख्या 70 रही। उन्होंने बताया कि बी0आर0डी0 मेडिकल कालेज गोरखपुर में वर्ष जनवरी, 2018 में ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 के 19 रोगी भर्ती हुए थे, जिनमें से 6 रोगियों की मृत्यु हुई थी। जबकि 31 जनवरी, 2019 तक ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 के 21 रोगी भर्ती हुए, जिसमें से किसी भी रोगी की मृत्यु नहीं हुई है।

श्रीमती झिमोमी ने बताया कि प्रदेश में ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 पर नियंत्रण पाना तथा इन बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को प्रभावी उपचार उपलब्ध कराना वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके अन्तर्गत गत वर्ष 2018 में वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के लिए 02 अप्रैल से 16 अप्रैल, 2018 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा 02 जुलाई से 31 जुलाई, 2018 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह एवं 01 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2018 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा (द्वितीय चरण) चलाया गया। इन कार्यक्रमों के अन्तर्गत जे0ई0 रोग से सर्वाधिक प्रभावित गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल के सभी 07 जनपदों में दस्तक अभियान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चलाये गये, जिसके अन्तर्गत घर-घर जाकर लोगों को जे0ई0 रोग से बचने के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। इसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग के साथ-साथ अन्य कई विभागों ने भी अपने कार्यक्रम चलाकर सहयोग प्रदान किया।