लोक निर्माण विभाग के सभी कार्यों में ई-गवर्नेन्स लागू होगी
सड़क निर्माण की नवीनतम तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग होगा

सभी कार्य पारदिर्शता एवं गुणवत्ता के साथ किये जायेंगे : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 14 फरवरी।  लोक निर्माण विभाग विभागीय कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता लाने के लिए ई-गवर्नेन्स को प्राथमिकता देगा। ये बाते प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के तथागत सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेन्स के माध्यम से ई-स्टीमेट, ई-बजट, ई-मेन्टीनेन्स तथा सड़को की रोड डायरेक्ट्री हेतु डाटाबेस साफ्टवेयर तैयार कर लोक निर्माण विभाग के सभी प्रकार के कार्य पारदर्शिता के साथ लागू किये जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अलावा अन्य विभागों की सड़कों के भी डाटा तैयार किये जायेंगे, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर बनाये गये मार्गों की भी मरम्मत करायी जायेगी। सड़क सुरक्षा के उपायों पर बोलते हुए श्री मौर्य ने कहा कि सड़क सुरक्षा के विभिन्न उपायों की जानकारी देने वाले रोड़ साइनेज लगाये जा रहे हैं तथा सुरक्षित मार्गों का निर्माण करने हेतु अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। श्री मौर्य ने बताया कि सड़क निर्माण की नवीनतक तकनीक के माध्यम से लगभग 1000 करोड़ से अधिक की लागत से टिकाऊ तथा पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित सड़के बनायी गयी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में हो रहे लोकार्पण एवं शिलान्यास से जुड़े पत्थर यथाशीघ्र उचित स्थान पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्थापित किये जाये। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिये कि सड़क निर्माण के क्षेत्रों में जो विभिन्न प्रकार के पुरस्कार दिये जाते हैं। उच्च गुणवत्ता एवं नवीनतम तकनीक का प्रयोग करते हुए उन्हें प्राप्त करने के प्रयास भी हर स्तर पर किये जाने चाहिए।

बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग  नितिन रमेश गोकर्ण, सचिव समीर वर्मा, विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग वी0के0 सिंह, मुख्य अभियन्ता  पी0के0 कटियार सहित लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।