मोदी नें जारी की किसानों के लिये पहली किस्त ,किसानों ने की सराहना

पीएम किसान योजना को भी फूल प्रूफ बनाया गया है, ताकि किसान का अधिकार कोई छीन न सके।


गोरखपुर। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। लाल बहादुर शास्त्री जी ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था। उसी मंत्र को इतने साल बाद किसान के घर तक, किसान के खेत तक, किसान की जेब तक पहुंचाने का काम हो रहा है। आज देश के 1 करोड़ 1 लाख किसानों के बैंक खातों में इस योजना की पहली किश्त ट्रांसफर करने का सौभाग्य मुझे मिला है। मुझे बताया गया है कि देश के 21 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के किसान इसमें शामिल हैं। इन किसानों को 2 हजार 21 करोड़ रुपए अभी ट्रांसफर किए गए हैं। आने वाले समय में 12 करोड़ किसानों के खाते में दो-दो हजार रूपये भेज दिए जाएंगे। और ये तो अभी शुरूआत है। इस योजना के तहत हर वर्ष लगभग 75 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के खातों में सीधा पहुंचने वाले हैं। देश के वो 12 करोड़ छोटे किसान, जिनके पास 5 एकड़ या उससे कम भूमि है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा।


अब पीएम मोदी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ये देश की सबसे बड़ी योजना का शुभारंभ गोरखपुर की धरती से हो रहा है। आज यहां स्वास्य् , सड़क रेल, रोजगार, गैस इन सब से जुड़ी दस हजार करोड़ की योजनाओं की शुरूआत की गई है। यह योजनाएं पुर्वांचल की धरती को सीधे सीधे प्रभावित करेगी। आज मैं देश के सभी किसानों को किसान योजना की बधाई देता हूं। करोड़ों पशुपालकों, दूध के व्यवसाय से जुड़े किसान परिवारों और मत्स्य पालन और उसके व्यवसाय से जुड़े बहन-भाइयों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जुड़ने के लिए बहुत-बहुत बधाई।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने किसानों की छोटी - छोटी दिक्कतों पर ध्यान देने के साथ ही उनकी चुनौतियों के सम्पूर्ण निवारण पर काम किया है। किसान पूरी तरह से सशक्त और सक्षम बने, इस लक्ष्य के साथ हम निकले हैं। जिन किसानों को आज पहली किश्त नहीं मिली है, उन्हें आने वाले हफ्तों में पहली किश्त की राशि मिल जाएगी। किसान योजना के तहत जो पैसे किसानों को दिए जाएंगे, वह केंद्र सरकार की तरफ से दी जाएगी। राज्य सरकारों को इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों की लिस्ट केंद्र सरकार को भेजनी है। कई राज्यों ने तो प्राथमिकता समझ कर लिस्ट हमें सौंपने का काम शुरू कर दिया है पर कुछ राज्य अभी भी इसे चुनाव की राजनीति समझ कर लिस्ट नहीं दे रहे। जो राज्य ऐसा नहीं करेंगे उन्हें किसानों का शाप लगेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्माननिधि के तहत जो पैसे किसानों को दिए जाएंगे, उसकी पाई-पाई केंद्र सरकार की तरफ से दी जाएगी। ये महामिलावट वाले ये सोचते हैं कि मोदी अभी एक साल दो हजार देगा फिर नहीं देगा। उन्हें समझ लेना चाहिए ये केवल चुनावी घोष्णा के लिए नहीं है। हमने बजट में इसका प्रवधान किया है। मेरे किसान भाइयों, ये पैसा आपको दिया जा रहा है वो आपके हक का है और इसको कोई वापिस नहीं ले सकता है। न मोदी वापिस ले सकता है और न कोई राज्य सरकार। ऐसी अफवाह फैलाने वालों को मुँह तोड़ जवाब दे देना। रिमोट कंट्रोल वाली कांगेस सरकार पहले किसानों के साथ कर्जमाफी के नाम पर धोखाधड़ी कर चुकी है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए भी कर्जमाफी का वादा करना आसान था, हम भी रेवड़ी बांट सकते थे पर मोदी ऐसा नहीं सोचता है और ऐसा पाप नहीं कर सकता है। आज हम इतनी बड़ी राशी इस योजनाओं में लगा रहे हैं ताकि जो सालों से लटकी हुई सिंचाई परियोजनाएं हैं वो पूरी हो सकें। हमने ऐसी 90 परियोजनाओं को चुना और आज उनमें से 70 अब पूरी होने वाली हैं। हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि हमारी योजनाओं से देश का किसान लाभान्वित हो सके।


पीएम मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं की वजह से किसानों को लाखों हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की सुविधा मिल रही है। ये वो काम है जो किसानों की आने वाली कई पीढ़ियों तक को लाभ देगा। सिंचाई परियोजनाओं को पूरा न करके, कर्जमाफी करना आसान रास्ता था। लेकिन कि कर्जमाफी से सिर्फ ऊपरी स्तर के कुछ किसानों का ही फायदा हो पाता। वो भी ऐसे किसान जिन्होंने बैंक से लोन लिया है, उन करोड़ों किसानों के बारे में कौन सोचता, जो बैंक के बजाय किसी दूसरे से कर्ज लेते हैं। ये नया भारत है। इसमें केंद्र सरकार जितना पैसा किसान के लिए भेजती है, वो पूरा पैसा उसके खाते में पहुंचता है। अब वो दिन गए जब सरकार 100 पैसा भेजती थी, तो बीच में 85 पैसा दलाल और बिचौलिए खा जाते थे। पीएम किसान योजना को भी फूल प्रूफ बनाया गया है ताकि किसान का अधिकार कोई छीन न सके।