मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में निर्माणाधीन पिपराइच चीनी मिल का निरीक्षण किया
चीनी मिल का शुभारम्भ 24 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री जी करेंगे

 

चीनी मिल के चालू होने से 500 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से तथा 5,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध हो सकेगा

भविष्य में इस चीनी मिल की क्षमता को बढ़ाकर 75,000 कुन्तल प्रतिदिन करने की व्यवस्था की जाएगी

लखनऊ, 17 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज जनपद गोरखपुर भ्रमण के दौरान निर्माणाधीन पिपराइच चीनी मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि देश के देश की सबसे आधुनिक तकनीक पर आधारित चीनी मिल पिपराइच में निर्मित हो रही है और 24 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री जी इसका औपचारिक शुभारम्भ करेंगे। इसी के साथ इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च, 2019 के मध्य से पेराई का कार्य भी प्रारम्भ हो जाएगा। इस चीनी मिल के चालू होने से 500 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से तथा 5,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, इसके चालू होने से 40,000 गन्ना किसान लाभान्वित हांेगे। इस चीनी मिल के चालू होने से इसके आसपास के क्षेत्रों के गन्ने की खपत इस मिल में हो सकेगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि इस चीनी मिल में प्रतिदिन 50,000 कुन्तल पेराई की व्यवस्था की गयी है। भविष्य में इसकी पेराई क्षमता को बढ़ाकर 75,000 कुन्तल प्रतिदिन करने की व्यवस्था की जाएगी। इस शुगर मिल में किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा, जो लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होगा। यहां के किसानों द्वारा लम्बे समय से चीनी मिल की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने अब पूरा कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना विभाग द्वारा किसानों में जागरूकता के दृष्टिगत गोष्ठियां आयोजित की गयीं। इनका उद्देश्य किसानांे द्वारा उन्नत किस्म का गन्ना उत्पादन कर अच्छा लाभ प्राप्त कराना था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के पेराई सत्र में चीनी मिल को गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और मार्च, 2020 के मध्य से प्रारम्भ होने वाले पेराई सत्र में किसानों के अवशेष गन्ने की खपत चीनी मिल में होगी।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।