फण्ड सेक्शन मे भ्रष्टाचार की सफाई मे दो निजी ऑपरेटरों की चढ़ी बली

पर्दे के पीछे से फण्ड की दलाली और लेखाकारों के स्थानांतरण का कारोबारी अवकाश प्राप्त लेखाकार ने सम्भली कमान


लखनऊ,14 फरवरी । पूर्वान्चल विद्युत वितरण निगम के फण्ड सेक्शन मे नये प्रबन्धनिदेशक के पूर्वान्चल मे आगमन के मात्र कुछ माह बाद ही मचे घमासान ने शीर्ष से ले कर फण्ड सेक्शन की कलई खुलनी आरम्भ हो गई है । कंगाल और कर्ज की बोझ मे दबे डिस्कॉम मे मुखिया से ले कर शक्तिभवन मे बैठे बड़ेबाबुओ आलोक कुमार और उनके सहयोगी आईएस की निगाह फण्ड सेक्शन पर ही जाकर स्थिर हो जाती है क्यो की यहा के कारोबार को चलाने और चलने मे बगैर दामन पर दाग लगे मुखिया से ले कर सबका बिना किसी कागजी आकड़ो मे फसे लम्बा कारोबार सुरक्षित तरीके से चलता रहता है  । इसके लिये विधिवत इस कारोबार के गैंग मे शामिल होने के लिये तमाम लोग अपनी नूराकुश्ती करते रहते है जबकी इस कारोबार के रस्साकसी के सारे खेल की जानकारी शक्तिभवन के सातवे तल तक को है पर इस कारोबार के तेजी से पनपने की सूचना पर UPPCL के मुखिया के हस्तक्षेप के बाद फण्ड सेक्सन की आबरू बचाने एवं अपनी कुर्सी के हिलने के भय से दो लाचार ऑपरेटरों को हटाने का निर्णय जल्दबाजी मे ले कर और अपने दामन को दागदार होने से बचाने मे दो ऑपरेटरों की बलि चढ़ा दी गई और फण्ड जैसे सेक्शन की विश्वसनीयता को फण्ड के मुखियास द्वारा पल भर मे तार-तार कर दिया गया ।
असल फण्ड सेक्शन मे विगत कुछ वर्ष से अवकाश प्राप्त लेखाकार पर्दे के पीछे से बैक फुट पर फण्ड का गुपचुप कारोबार एवं लेखाकारों के स्थानांतरण के पूरे कारोबार की जिम्मेदारी निभाता चला आ रहा था पर सबकुछ के बावजूद पुराना करिश्माई खिलाड़ी होने के कारण इस अवकाश प्राप्त लेखाकार को फण्ड सेक्शन मे फ्रंड फूड पर अपना वजूद कायम करने के मौके की तलाश ने 12फरवरी को 10% पर फण्ड बिकने की खबर ने पूरे मोहाल और फण्ड के जिम्मेदार अधिकारियों से ले कर सबकी नीद उड़ा दी पर सूत्रों की खबरो के अनुसार उसी दौरान अपनी शतरंज की बिसात पर काम करते हुए पूरे जीवन सिर्फ भ्रष्टाचार और सुरा सुन्दरी की ताकत पर अपना कारोबार चलाने वाले अवकाश प्राप्त पुराने खिलाड़ी ने अपना वजूद कायम कराने के लिये दो ऑपरेटरों की बलि चढ़ा कर और कुबेर के मन्दिर के पुजारीयो का खास सहयोगी बन अपना वर्चस्व कायम करने के कारोबार की कवायत शुरू कर दिया है और सूत्र बताते है कि अधिकारियो को गोद में खिलाने व दूध पिलाने का काम भी बखूबी जानता है खैर हमारी नजर बराबर कुबेर के मन्दिर के बडे पुजारी यानी बडका बाबू से लेकर सभी रुड़की वालो पर बराबर बनी हुई हैं ।