सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 में छूट े हुए पात्र

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ दिए जान े का फ ैसला 


लखनऊ । सामाजिक, आथि र्क एवं जाति जनगणना 2011 1⁄4एस0ई0सी0सी0 20111⁄2 म ेंछूटे हुए पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ दिए जाने का फैसला हुआ है। विभिन्न स्रोतों से प्राप्त स ूचनाओं के अनुसार उक्त डाटा में कुछ पात्र लाभार्थी परिवार छूट गए हैं। अतः एस0इ र्0सी0सी0 डाटा 2011 म ें छूट ेहुए पात्र परिवारों के चिन्हीकरण हेतु जिलाधिकारी के माध्यम से सव ेर्क्षण कराते हुए ऐसे परिवारों को चिन्हित किए जाने का निर्णय लिया गया। ग ्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा सर्वेक्षण कराते हुए 10,11,980 छूटे हुए पात्र परिवारों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ दिया जाना प ्रस्तावित है। चिन्हित परिवार के सभी सदस्या ें का े अयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरा ेग्य या ेजना के अंतर्गत आबद्ध सरकारी एवं निजी चिकित्सालया ें में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। यह सुविधा केवल अन्तःरोगी 1⁄4भर्ती मरीज1⁄2 के लिए ही अनुमन्य होगी। प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 05 लाख रुपए तक की निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें किडनी, हार्ट, लिवर आदि से सम्बन्धित रोग
तथा कैंसर जैसे गम्भीर रोगों का इलाज भी सम्भव होगा। इस योजना के अंतग र्त आच्छादित परिवारों के सदस्यों की सीमा पर कोई प्रतिबंध नही ं है। इन छूटे हुए चिन्हित परिवारों का े आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ अनुमन्य कराए जाने पर आने वाला व्यय-भार पूर्ण रूप से राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इन चिन्हित परिवारों को योजनान्तर्गत लाभान्वित करने की प्रक्रिया एव ंसमस्त लाभ वही होंगे, जो एस0ई0सी0सी0 2011 म ें चिन्हित परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरा ेग्य योजना के अंतर्गत अनुमन्य है।
ज्ञातव्य है कि आयुष्मान भारत प ्रधानम ंत्री जन आरोग्य योजना के अंतग र्त एस0ई0सी0सी0 डाटा 2011 में चिन्हित परिवारों को प्रति परिवार प्रति वष र् 05 लाख रुपए तक की निःश ुल्क चिकित्सा उपचार की सुविधा का प्राविधान किया गया है। भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा के अनुसार प्रदेश में एस0ई0सी0सी0 डाटा 2011 में चयनित परिवारों की कुल संख्या 1.18 करोड ़ है।  प ्रदेश क े ब ुन्देलखण्ड क्षेत्र, विन्ध्य क्षेत्र तथा गुणता प प ्रदेश क े ब ुन्देलखण्ड क्षेत्र, विन्ध्य क्षेत्र तथा गुणता प्रभावित ाण्ड क्षेत्र, विन्ध्य क्षेत्र तथा गुणता प्रभावित ्रभावित ग ्रामा ें में प ेयजल की विभिन्न परियोजनाओं क े क्रियान्वयन का निर्णय यन का निर्णय प्रद ेश क े बुन्द ेलखण्ड क्षेत्र, विन्ध्य क्षेत्र तथा गुणता प्रभावित ग्रामों में पेयजल की विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत कन्सलटेन्ट के माध्यम से बुन्द ेलखण्ड के 07 तथा विन्ध्य क्षेत्र के 02 क ुल 09 जनपदों को डी0पी0आर0 तैयार कराए जान े हेतु चयनित किया गया। अद्यतन स्थिति के अन ुसार जनपद झा ंसी, ललितप ुर, हमीरपुर, चित्रक ूट, बांदा, महोबा, सोनभद्र एवं मीरजापुर से अभी तक आगणन प्राप्त हो चुके हैं। इन आगणनों की क ुल लागत 736.89 करा ेड ़ रुपए है। इनके मूल्यांकन की कार्रवाई प्रचलित है। जनपदों में से अवशेष क्लस्टरों की प्रोज ेक्ट फिजिबिलिटी रिपोर्ट 1⁄4पी0एफ0आर01⁄2 भी तैयार कर ली गई है, जिनकी क ुल अन ुमानित लागत 14,986 करोड ़ रुपए है। इस प ्रकार बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य  क्षेत्र के 09 जनपदों के ग ्रामीण क्षेत्रों में पाइप प ेयजल योजनाएं प ्रारम्भ किए जाने हेतु 15722.89 करोड़ रुपए की प्रारम्भिक आवश्यकता आकलित की गई है। बुन्द ेलखण्ड और विन्ध्य क्षेत्र के साथ-साथ आर्सेनिक एवं फ्ला ेराइड,
जापानी इंसेफेलाइटिस 1⁄4जे0ई01⁄2/एक्यूट इंसेफ ेलाइटिस सिण्डोंम 1⁄4ए0ई0एस01⁄2 तथा अन्य अशुद्धिया ें से प्रभावित आबादी को भी पाइप पेयजल योजना के माध्यम से श ुद्ध प ेयजल आपूर्ति की जानी है। आम जनमानस को इस हेतु जागरूक किए जाने क े लिए इन्फार्मेशन, एजुकेशन एण्ड कम्युनिकेशन एक्टिविटीज़ भी की जानी है। इन गतिविधियों हेतु योजना में प ्राविधानित बजटीय व्यवस्था क े सापेक्ष
कार्रवाई की जाएगी। परियोजना क े संचालन हेतु विभिन्न जनपदों की तैयार डी0पी0आर0 के नियमानुसार मूल्यांकन के बाद मूल्यांकित धनराशि को मुख्यमंत्री क े अनुमोदन के पश्चात् संशोधित/परिवर्धित किया जा सकेगा। परियोजना क े संचालन क े लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट क ंसल्ट ेंट 1⁄4पी0एम0सी01⁄2 के चयन हेतु रिक्वेस्ट फॉर प्रपा ेजल 1⁄4आर0एफ0पी01⁄2 की कार्रवाई की जानी है। प्री बिड मीटिंग में प ्राप्त स ुझावों क े आधार पर अथवा अन्य कोई संशोधन/परिवर्धन पाए जाने की दशा में मुख्यमंत्री के अन ुमोदन से रिक्वेस्ट फा ॅर प ्रपोजल ⁄4आर0एफ0पी01⁄2 के डांफ्ट में परिवर्धन हो सक ेगा।
वर्तमान में बुन्द ेलखण्ड क्ष ेत्र के 2660 गांवों की लगभग 45 लाख आबादी एवं विन्ध्य क्ष ेत्र क े 1880 गांवों की लगभग 35 लाख आबादी पाइप पेयजल योजना से आच्छादित नहीं ह ै। इसी प्रकार आर्सेनिक एवं फ्ला ेराइड, जापानी इंसेफेलाइटिस 1⁄4जे0ई01⁄2/एक्यूट इंसेफ ेलाइटिस सिण्डोंम 1⁄4ए0ई0एस01⁄2 तथा अन्य अशुद्धियों से प्रभावित लगभग 3700 ग्रामों की लगभग 75 लाख आबादी पाइप पेयजल योजना से आच्छादित नही ं है। इस प्रकार लगभग 6240 गांवों की लगभग 01 करोड़ 55 लाख आबादी हेतु पाइप पेयजल योजनाए ं तैयार की जानी हैं।
ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के स्टैंटजिक प्लान के अन ुसार वर्ष 2022 तक कम से कम 90 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों का पाइप पेयजल योजना से
आच्छादित करके कम से कम 80 प्रतिशत परिवारों को घरेलू कन ेक्शन क े माध्यम से पेयजल आपूर्ति किया जाना है। प्रद ेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप वॉटर सप्लाई से 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पेयजल दिए जाने के दृष्टिगत अभी तक पाइप पेयजल योजनाओं से अनाच्छादित ग्रामों में पाइप पेयजल योजनाओं क े निर्माण हेतु 86000 करोड़ रुपए की आवश्यकता का प्रारम्भिक अनुमान है।


उ0प्र0 आवास एव ं विकास परिषद तथा विकास प ्राधिकरणों
द्वारा पायल ेट प्रा ेजेक्ट के रूप में ‘लैण्ड पूलिंग स्कीम’ द्वारा पायल ेट प्रा ेजेक्ट के रूप में ‘लैण्ड पूलिंग स्कीम’ के क्रियान्वयन हेतु नीति अनुमा ेदित के क्रियान्वयन हेतु नीति अनुमा ेदित उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों द्वारा पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में ‘लैण्ड प ूलिंग स्कीम’ क े क्रियान्वयन हेतु नीति का े अन ुमोदित किया गया है। इसक े तहत भू-स्वामी को उसके द्वारा पूल की गई
भूमि का न्यूनतम 25 प्रतिशत अंश विकसित भूखण्डों के रूप में निःशुल्क आवंटित/हस्तांतरित किए जाएंगे, जिस हेतु उनके द्वारा किसी प्रकार का विकास शुल्क देय नहीं होगा। पायलेट प्रोजेक्ट क े रूप में लैण्ड पूलिंग स्कीम, न्यूनतम 25 एकड़ भूमि पर बनायी जाएगी, जो महायोजना/जोनल डेवलपमेण्ट प्लान में प्रस्तावित/विद्यमान न्य ूनतम 18 मी0 चौड़े मार्ग पर स्थित हो। पायलेट प्राजेक्ट्स क े रूप में लैण्ड पूलि ंग स्कीम का क्रियान्वयन इस नीति क े जारी होने की तिथि से तीन वर्षों में प ूर्ण किया जाएगा। इस नीति से कंस्टंक्शन इण्डस्टीं में बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होगा।


ज्ञातव्य है कि लैण्ड पूलिंग स्कीम, भूमि जुटाव की ऐसी पद्धति है, जिसक े अधीन विभिन्न स्वामित्व की भूमियों का क्रय अथवा अधिग्रहण किए
बिना एकीक ृत रूप से अवस्थापना विकास एवं भूमि का उप-विभाजन कर सुनियोजित विकास किया जाता है। सुनियोजित शहरी विकास में
किसानों/भू-स्वामियों की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु ‘लैण्ड पूलिंग स्कीम’ एक व्यावहारिक पद्धति है, जिसक े अधीन शासकीय अभिकरणा ें द्वारा भू-स्वामियों से सक्रिय संवाद स्थापित करते हुए उनकी सहमति एवं स्वेच्छा से भ ूमि का विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।


अयोध्या स्थित हवाई पट्टी को एअरपोर्ट अयोध्या स्थित हवाई पट्टी को एअरपोर्ट के रूप में विकसित करने क े सम्बन्ध में के रूप में विकसित करने क े सम्बन्ध में के रूप में विकसित करने क े सम्बन्ध में  अयोध्या स्थित हवाई पट्टी को एअरपोर्ट के रूप में विकसित करने एव ं अन्य सम्बन्धित कार्यों के लिए भूमि के क्रय हेतु अन ुमानित लागत लगभग 06 अरब 40 करोड़ 26 लाख 96 हजार 501 रुपए के प्रशासकीय/व्यय की
अन ुमति दी गई है। साथ ही जिलाधिकारी अयोध्या क े पक्ष में भूमि क्रय से सम्बन्धित कार्यों क े निष्पादन हेतु फिलहाल 200 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने की अन ुमति प ्रदान की गई है। आपसी समझौते के आधार पर भूमि क्रय की नीति विषयक राजस्व विभाग क े 19 मार्च, 2015 के शासनादेश संख्या-2/2015/215/एक-13-2015-201⁄4481⁄2/2011 में विहित व्यवस्था क े अनुसार अ ंतिम रूप से आकलित भूमि के क्रय तथा क्रय की गई भूमि को राज्यपाल द्वारा निदेशक, नागरिक उड्डयन, उत्तर प्रदेश के नाम दर्ज किए जान े को भी अनुमोदन प्रदान किया गया। अया ेध्या स्थित हवाई पट ्टी को एअरपोर्ट के रूप में विकसित करने एवं अन्य सम्बन्धित कार्यों के सम्बन्ध में भविष्य में यथावश्यक निर्णय हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।


भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए मॉडल रूल्स को  राज्य सरकार द्वारा अंगीक ृत करते हुए उ0प्र0 राज्य सरकार द्वारा अंगीक ृत करते हुए उ0प्र0उपभोक्ता संरक्षण उपभोक्ता संरक्षण उपभोक्ता संरक्षण नियमावली, 1987 यथा संशा ेधित नियम-2, नियम-3, नियमावली, 1987 यथा संशा ेधित नियम-2, नियम-3, नियम-6 एव ं नियम-9/10 में संशोधन का निर्णय नियम-6 एव ं नियम-9/10 में संशोधन का निर्णय
सिविल अपील संख्या 2740/2007 उत्तर प ्रदेश राज्य व अन्य बनाम ऑल यू0पी0 क ंज्य ूमर प्रोट ेक्शन बार एसोसिएशन में पारित  उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए मॉडल रूल्स को राज्य सरकार द्वारा अंगीक ृत करते हुए उत्तर प्रदेश उपभोक्ता संरक्षण नियमावली, 1987 यथा संशोधित नियम-2, नियम-3, नियम-6 एव ं नियम-9/10 में संशोधन का निर्णय हुआ है। इसके अनुरूप उत्तर प्रदेश उपभोक्ता संरक्षण 1⁄414वां संशोधन1⁄2 नियमावली, 2019 हेतु अधिसूचना निर्गत की जाएगी।
प्रद ेश में एक राज्य उपभोक्ता आयोग एवं विभिन्न जनपदों में 79 जिला फा ेरम गठित है। सिविल अपील संख्या 2740/2007 स्टेट आ ॅफ यूपी तथा अन्य बनाम ऑल यूपी क ंज्यूमर प्रा ेटेक्शन बार एसोसिएशन में  उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अन ुपालन में भारत सरकार द्वारा राष्टींय आयोग, राज्य आयोग एवं जिला फोरम में अध्यक्ष एवं सदस्य की निय ुक्ति का ढंग, चयन की प्रक्रिया, वेतन/मानदेय, अवकाश, चिकित्सा सुविधा तथा अध्यक्ष/सदस्यों को पदच्य ुत किए जाने की प्रक्रिया आदि के सम्बन्ध में एकरूपता बनाए जाने हेतु मॉडल रूल्स बनाया गया है। वर्तमान में लागू नियम के अनुसार राज्य आयोग के सदस्य एवं जिला फोरम के अध्यक्ष/सदस्य का चयन राज्य आयोग की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा किया जाता है। राज्य उपभोक्ता आयोग एवं जिला फोरम के सदस्य को प्रतिमास क्रमशः 20910 रुपए एवं 13950 रुपए का समेकित मानदेय दिया जाता है। मॉडल रूल्स के अनुसार राज्य आयोग का अध्यक्ष मा0 उच्च न्यायालय का पदस्थ न्यायाधीश हा ेगा, जिसे मा0 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश क े परामर्श से राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा। जिला फोरम का अध्यक्ष सीधी भती र् द्वारा अथवा प्रतिनियुक्ति के माध्यम से नियुक्त किया जाएगा। राज्य आयोग क े मा0 सदस्यों एवं जिला फोरम क े सदस्यों का चयन न्यायिक
पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों द्वारा पारित निर्णय/आद ेशों के आधार पर सरकारी सेवकों के 10 वर्ष की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि क े आधार पर तथा अन्य अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा तथा शॉट र्लिस्ट किए गए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार आयोजित किए जाने का प्राविधान किया गया है। राज्य आया ेग के अध्यक्ष को उच्च न्यायालय क े मा0 न्यायाधीश के समान वेतन एवं सुविधाएं, मा0 सदस्यगण का े राज्य सरकार क े विशेष सचिव क े समान वेतन तथा जिला फोरम क े सदस्यगण को उपसचिव क े समान वेतनमान दिए जान े का प्राविधान किया गया है। इसके अतिरिक्त इन्हें ग्रुप-ए क े सरकारी सेवक की भांति यात्रा अवकाश सुविधा, अवकाश चिकित्सा उपचार एवं अस्पताल सुविधा अनुमन्य कराए जाने
का प्राविधान किया गया है। राज्य आयोग क े प्रधान के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जा ंच राज्य क े उच्च न्यायालय क े मा0 मुख्य न्यायमूर्ति के परामश र् से उच्च न्यायालय के पदस्थ मा0 न्यायाधीश द्वारा तथा राज्य उपभोक्ता आयोग क े सदस्य और जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एवं सदस्यों क े विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच राष्ट ींय आया ेग क े मा0 सदस्य द्वारा किया जाना प्राविधानित है।
ज्ञातव्य है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, कम समय में सस्ता एव ं त्वरित न्याय सुलभ कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा वर्ष 1986 में
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 बनाया गया। ‘बीज विधायन संयंत्र स्थापना एवं बीज भण्डारण स ुविधा हेतु गा ेदाम निर्माण’ कार्यक्रम को प ्रदेश में ‘दृष्टि-डी-सेण्ट ंलाइज्ड रूरल इन्फ्रा कार्यक्रम को प ्रदेश में ‘दृष्टि-डी-सेण्ट ंलाइज्ड रूरल इन्फ्रास्ट ंक्चर ल इन्फ्रास्ट ंक्चर एण्ड सीड स्ट ंक्चर एण्ड सीड एण्ड सीड टेक्ना ेला ॅजी इनिशिएटिव्स’ क े नाम से संचालित करने का निण र्य निण र्य केन्द्र पोषित ‘सब-मिशन ऑन सीड एण्ड प्लांटिंग मटेरियल’ के घटक ‘क्रिएशन ऑफ सीड इन्फ्रास्टंक्चर फैसीलिटीज’ के अंतर्गत ग ्राम पंचायत स्तर पर प्रमाणित बीज के उत्पादन/उपलब्धता ह ेतु ‘बीज विधायन संय ंत्र स्थापना एवं बीज भण्डारण सुविधा हेतु गोदाम निर्माण’ कार्यक्रम का े प्रदेश में ‘दृष्टि-डी-सेण्टंलाइज्ड रूरल इन्फ्रास्टंक्चर एण्ड सीड टेक्ना ेलॉजी इनिशिएटिव्स’ के नाम से संचालित करने का निर्णय हुआ ह ै। वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रदेश में 100 बीज विधायन संयंत्र/गोदाम स्थापित किए जाने हैं।
प्रदेश म ें इस कार्यक्रम को कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्य ेक बीज विधायन संय ंत्र व बीज गोदाम निर्माण हेतु 60 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का प्राविधान किया गया ह ै। चयनित कृषक उत्पादक संगठना ें द्वारा ही बीज विधायन संयंत्र की स्थापना एवं गोदाम का निर्माण व प्रबन्धन किया जाएगा। कृषि विभाग/उ0प्र0 बीज विकास निगम स्तर से उन्नतशील प्रजातियों के आधारीय बीज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा काय र्क्रम अंतर्गत स्थापित बीज विधायन इकाइयों द्वारा उन्नतशील प्रजातियों के प्रमाणित बीजों का उत्पादन, विधायन, पैकिंग
कर उचित मूल्य पर कृषकों को विक्रय किया जाएगा। या ेजना के क्रियान्वयन हेतु कृषक उत्पादक संगठना ें के चयन एवं प्रगति की समीक्षा का काय र् जनपद म ें जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित ‘आत्मा गवर्निंग बोर्ड’ द्वारा, राज्य स्तर पर कृषि निदेशक, उ0प्र0 की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति द्वारा एवं प्रमुख सचिव 1⁄4कृषि1⁄2, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति द्वारा की जाएगी। योजना का थर्ड पार्टी मूल्यांकन उ0प्र0 कृषि अन ुसंधान परिषद, लखनऊ के माध्यम से कराया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि केन्द्र पोषित ‘सब-मिशन ऑन सीड एण्ड प्लांटिंग मटेरियल’ के घटक ‘क्रिएशन ऑफ सीड इन्फ्रास्टंक्चर फैसीलिटीज’ के अंतर्गत ग्राम प ंचायत स्तर पर ‘बीज विधायन संयंत्र स्थापना एव ं बीज भण्डारण सुविधा हेतु गोदाम निमा र्ण’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में।


हिन्दुस्तान उव र्रक एव ं रयासन लि0 गोरखपु हिन्दुस्तान उव र्रक एव ं रयासन लि0 गोरखपुर को हिन्दुस्तान उव र्रक एव ं रयासन लि0 गोरखपुर को भ ूमि पंजीकरण कराए जाने हेतु स्टाम्प ड ्य ूटी के एवज में ब ैंक गारण्टी जमा किए जान े स े छ ूट का फ ैसला ब ैंक गारण्टी जमा किए जान े स े छ ूट का फ ैसला हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रयासन लि0 गोरखपुर को भूमि पंजीकरण कराए जाने हेतु स्टाम्प ड्यूटी के एवज में 210 करोड़ रुपए की बैंक गारण्टी जमा किए जान े से छूट दिए जाने का फ ैसला हुआ है। इस निर्णय से राज्य सरकार
पर कोई व्यय भार नहीं पड़ेगा। साथ ही, कारखाने क े निर्माण की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाएगी। कारखाने के निर्माण से किसानों को उर्वरक एवं रसायन की उपलब्धता आसानी से एवं उचित मूल्य पर हो सक ेगी। कारखान े के निर्माण से प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन भी होगा।


डा ॅ0 राम मनोहर ला ेहिया आयुवि र्ज्ञान संस्थान, लखनऊ के डा ॅ0 राम मनोहर ला ेहिया आयुवि र्ज्ञान संस्थान, लखनऊ के एक ै डमिक ब्ला ॅक क े निर्माण एक ैडमिक ब्ला ॅक क े निर्माण डमिक ब्ला ॅक क े निर्माण हेतुप ुनरीक्षित आगणन को स्वीकृति प ुनरीक्षित आगणन को स्वीकृति प ुनरीक्षित आगणन को स्वीकृति डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के एकेडमिक ब्ला ॅक के निर्माण की परियोजना पर व्यय वित्त समिति द्वारा मूल्या ंकित पुनरीक्षित आगणन 38252.42 लाख रुपए$जी0एस0टी0 धनराशि क े व्यय को
स्वीकृति प्रदान की गई है।


उत्तर प्रद ेशमाध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 में संशोध् माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 में संशोधन उत्तर प्रद ेश माध्यमिक शिक्षा चयन बा ेड र् नियमावली, 1998 में प ंचम संशोधन किया गया है। कार्मिक विभाग द्वारा निर्गत 31 अगस्त, 2017 की अधिसूचना क े माध्यम से उत्तर प्रदेश अवर स्तरीय पदा ें पर सीधी भर्ती हेतु लिखित/साक्षात्कार 1⁄4साक्षात्कार का बंद किया जाना1⁄2 नियमावली, 2017 क े अन ुसार अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 1⁄4टी0जी0टी0 स्नातक वेतनक्रम1⁄2 क े पदों पर चयन हेतु साक्षात्कार व्यवस्था समाप्त किए जान े एव ं प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त हाईस्कूल एव ं इण्टरमीडिएट स्क ूल क े साथ
सम्बद्ध प्राइमरी विभाग में मा ैलिक रूप से रिक्त सहायक अध्यापक के पदों पर निय ुक्ति हेतु चयन की कार्यवाही चयन बेसिक शिक्षा 1⁄4अध्यापक1⁄2 सेवा नियमवाली, 1981 यथा संशोधित में विहित प्राविधानों क े अधीन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज से कराए जाने हेतु संगत नियमावली, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 के नियम-10 एवं नियम-12 1⁄421⁄2, 1⁄441⁄2 एवं 1⁄491⁄2 में संशोधन का निर्णय किया गया है।


उत्तर प्रद ेश सूक्ष्म एव ं लघु उद्योग तकनीकी उत्तर प्रद ेश सूक्ष्म एव ं लघु उद्योग तकनीकी 1⁄4टेक्नोला ॅजी अपग ्रेडेशन1⁄2 योजना लाग ू किए जान े का निर्णय उत्तर प्रदेश सूक्ष्म एवं लघ ु उद्योग तकनीकी 1⁄4टेक्ना ेला ॅजी अपग ्रेड ेशन1⁄2 योजना लाग ू किए जाने का निर्णय लिया गया ह ै। इसके तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2017 में प्रदेश सरकार की वर्तमान तकनीकी उन्नयन योजना को पुनर्निर्मित करते ह ुए इस प्रकार प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे महत्तम ढंग से उच्चीकृत तकनीक को विभिन्न क्षेत्रों जैसे-उत्पाद गुणवत्ता सुधार, पर्यावरण सुधार, श्रम सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता, गुणवत्ता पैकेजिंग सुविधाएं एवं कम्पयूटरीकृत गुणवत्ता नियंत्रण को बढ़ावा मिलने के साथ ही सामाजिक आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सके। साथ ही सूक्ष्म एवं लघ ु इकाइयों को घरेलू एवं विदेशी बाजारों ह ेतु प्रतिस्पधा र्
या ेग्य बनाया जा सके।
इस योजना को दो श्रेणियों के उद्या ेगों, सूक्ष्म एवं लघ ु उद्योगों के लिए क्रियान्वित किया जाएगा। योजना के अ ंतर्गत पूंजी उपादान सहायता, ब्याज उपादान सहायता, मानक प्रक्रिया अनुरूपता एवं अन्य प्रमाणीकरण सहायता, स्वैच्छिक उत्पाद गुणवत्ता मानक आ ैर प्रमाणीकरण, उद्यम स्रा ेत योजना 1⁄4ई0आर0पी01⁄2 व्यवस्था सहायता, ब्रांडिंग सहायता, बौद्धिक सम्पदा प्रमाणीकरण सहायता आदि सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इस योजना म ें अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा, जिसकी व्यवस्था आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन उत्तर प्रदेश द्वारा करायी जाएगी।
ज्ञातव्य है कि आर्थिक वैश्वीकरण और विश्व स्तरीय प्रतिस्पधा र् के वातावरण और उदारीकरण के सम्पूर्ण प्रभाव के परिप्रेक्ष्य में लघु उद्या ेगों के त्वरित विकास एव ं तुलनात्मक क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से शासनादेश संख्या- 16/18-2-2007-301⁄4261⁄2/2003, दिनांक 16 जनवरी, 2007 द्वारा उ0प्र0 सूक्ष्म एवं लघु उद्योग तकनीकी 1⁄4टेक्नोलॉजी अपग ्रेड ेशन1⁄2 योजना प्रख्यापित की गयी थी। तदोपरान्त औद्या ेगिक निवेश नीति-2012 में निहित प्राविधानों के अ ंतग र्त बौद्धिक सम्पदा एवं ब्राण्डि ंग को सम्मिलित करते हुए उक्त योजना में शासनादेश
संख्या-1747/18-2-2012-301⁄4261⁄2/2003 टी0सी0, दिनांक 11 दिसम्बर, 2012 द्वारा संशा ेधन किया गया। इस या ेजना को पुनर्निर्मित करते हुए नये कलेवर में लागू करने हेतु नवीन योजना तैयार की गई है।


उ0प्र0सहकारी ग्राम विकास ब ैंक लि0 द्वारा सहकारी ग्राम विकास ब ैंक लि0 द्वारा सहकारी ग्राम विकास ब ैंक लि0 द्वारा राष्टींय सहकारी विकास निगम से ऋण आहरित करने ह ेतु राष्टींय सहकारी विकास निगम से ऋण आहरित करने हेतु शासन द्वारा शासन द्वारा400 करोड ़ रु 400 करोड ़ रु 400 करोड ़ रु0की शासकीय गारण्टी की शासकीय गारण्टी की शासकीय गारण्टी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लि0 द्वारा राष्ट ींय सहकारी विकास निगम 1⁄4एन0सी0डी0सी01⁄2 से ऋण आहरित करने हेतु शासन द्वारा एन0सी0डी0सी0 क े पक्ष में एक वर्ष के लिए 400 करोड़ रुपए की शासकीय गारण्टी स्वीकृत की गई है।


चीनी मिलों को वित्तीय सहायता दिए जान े की चीनी मिलों को वित्तीय सहायता दिए जान े की योजना ह ेतु निर्धारित कटऑफ डेट बढ ़ाए जान े का निर्ण योजना ह ेतु निर्धारित कटऑफ डेट बढ ़ाए जान े का निर्णय चीनी मिलों की वित्तीय तरलता में वृद्धि क े लिए उनके द्वारा पेराई सत्र 2017-18 में की गई गन्ना खरीद की मात्रा 1⁄41,111.90 लाख टन1⁄2 के सापेक्ष 4.5 रुपए प्रति क ुन्टल की दर से राज्य सरकार द्वारा वित्तीय सहायता की योजना के सम्बन्ध में दिनांक 01 अक्टूबर, 2018 एवं दिनांक 05 दिसम्बर, 2018 को निर्गत शासनाद ेशा ें को कार्योत्तर अन ुमोदन एवं या ेजना हेतु निर्धारित कटऑफ डेट 10 दिसम्बर, 2018 को बढ़ाकर शासनादेश निर्गत किए जान े की तिथि से 15 दिन तक बढ ़ाए जान े का निर्णय हुआ है।