सहारनपुर एवं बिजनौर में स्थापित होंगी जैव ऊर्जा उद्यम परियोजनाएं
सरकार ने दी मे0 शिव ओम दयाल एनर्जीस प्रा0लि0 को  लेटर आफ कम्फर्ट जारी करने की स्वीकृति

लखनऊ, 13 फरवरी।  उत्तर प्रदेश सरकार ने जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत जनपद सहारनपुर और बिजनौर में मे0 शिव ओम दयाल एनर्जीस प्रा0लि0 को कतिपय शर्तों के साथ वित्तीय सहायता सुलभ कराने हेतु लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। 

अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार के अनुसार मे0 शिव ओम दयाल एनर्जीस को जैव परियोजनाओं हेतु भूमि क्रय में शत प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी की छूट स्टैम्प ड्यूटी के समतुल्य बैंक गारंटी प्राप्त करने के बाद दी जायेगी। इन परियोजनाओं की स्थापना के बाद तीन माह तक इकाई के नियमित संचालन के उपरान्त स्वीकृत पूंजीगत उपादान की धनराशि सम्बंधित उद्यमी/कम्पनी को अन्तरित की जायेगी। यह धनराशि पूंजी लागत की 15 प्रतिशत अधिकतम 150 करोड़ रुपये होगी। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 में जैव अपशिष्टों के समुचित प्रबंधन तथा उसमें निहित ऊर्जा का पर्यावरण अनुकूल तरीके से दोहन कर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देकर स्वरोजगार अवसरों का सृजन व्यापक रूप से हो सकेगा। आलोक कुमार ने कहा कि सरकार फर्म द्वारा जमा की गई एस0जी0एस0टी0 की धनराशि की प्रतिपूर्ति करेगी। जैव ऊर्जा उद्यम कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करने के लिए उ0प्र0 नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) को कार्यदायी संस्था (नोडल एजेंसी) नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि जैव ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन प्राप्ति हेतु आवेदन आदि की प्रक्रिया उ0प्र0 औद्योगिक निवेश नीति के तहत होगी। पात्र इकाइयों द्वारा वास्तविक रूप से जमा की गई एस0जी0एस0टी0 की धनराशि की प्रतिपूर्ति करने की व्यवस्था की गई है, इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि शामिल नहीं होगी। 

प्रमुख सचिव के अनुसार एस0जी0एस0टी0 की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति स्थिर पूंजी निवेश की अधिकतम सीमा सहित 10 वर्षों की अवधि तक आवर्तक वित्तीय उपाशय के तहत होगी। निवेशकर्ता को यह वित्तीय उपाशय परियोजना पूर्ण होने के बाद तीन माह तक वाणिज्यिक उत्पादन करने पर देय होंगे। उन्होंने कहा कि विकासकर्ता के तकनीकी प्रस्ताव का मूल्यांकन नेशनल शुगर टेक्नोलाॅजी इंस्टीट्यूट कानपुर तथा आई0आई0टी0 रूड़की द्वारा किया जायेगा। विकासकर्ता/उद्यमी को इन दोनों संस्थानों द्वारा निर्धारित शर्तों का पूर्णरूप से अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।

प्रमुख सचिव ने कहा कि नेडा को मे0 शिव ओम दयाल एनर्जीस प्रा0लि0 नई दिल्ली को लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत करने की कार्यवाही करने को निर्देशित किया गया है। लेटर आफ कम्फर्ट के निर्गत होने पर अनुमन्य समय सीमा में इकाई को कार्य प्रारम्भ करना अनिवार्य होगा। समय से कार्य शुरू न होने पर स्वीकृति निरस्त कर दी जायेगी।