शहीद सैनिकों के गांवों को शहीद ग्राम घोषित करते हुए गौरव पथ नाम से सम्पर्क मार्ग बनाएं जा रहे हैं
 

मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना में जा 

लखनऊ, 15 फरवरी।  उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत भौगोलिक संरचनाओं की दृष्टि से अत्यन्त विषम परिस्थितियों से घिरे, अति पिछड़े गांवों, विशेष रूप से मुसहर, वनटांगिया, थारू एवं शहीद सैनिकों के ग्रामों में अभियान चलाकर विकास कार्य को अंजाम दे रही है। जिससे विभिन्न विकास एवं स्थापना सुविधाओं से विकसित होकर ये गांव जन समुदाय को अधिकतम सुविधाओं का लाभ दे सकें। 

प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री अनुराग श्रीवास्तव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आजादी के 70 वर्षों से पिछड़े और वंचित गांवों को विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना शुरू की गयी है। इस योजना में 17 विकास विभागों के 24 कार्योक्रमों से इन ग्रामों को संतृप्त किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत लक्षित विकास कार्य तथा मूलभूत सुविधाओं के कार्यक्रमों को चरणबद्ध ढंग से लागू कर चिन्हित पिछड़े राजस्व गांवों को संतृप्त किया जा रहा है। पिछड़े राजस्व ग्रामों (मजरे, पूरवे, टोले-बसावट सहित) में अवस्थापना, लाभार्थीपरक व विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि देश की रक्षा में शहीद हुए सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों के गांवों को ‘‘शहीद ग्राम’’ घोषित करते हुए पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही इन मार्गों को ‘‘गौरव पथ’’ का नाम देते हुए गांवों में तोरण द्वार तथा शहीद हुए सैनिकों की मूर्ति की स्थापना की जा रही है।