श्रम मंत्री श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना की शुरूआत की
 

योजना से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा 

श्रमिक को वृद्धावस्था के दौरान मिलेगी 3000 रुपये की मासिक पेंशन  

18 से 40 वर्ष के 15000 रुपये मासिक आय वाले कामगारों का होगा पंजीकरण : श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य

लखनऊः 15 फरवरी।   प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री  स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना की शुरूआत करते हुए कहा कि प्रदेश के असंगठित क्षेत्र में मेहनत व मजदूरी करने वाले कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, उनके सपनों को साकार करने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए ही प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निर्देश पर आज इस पेंशन योजना की शुरूआत की।

श्रम मंत्री ने आज यहां विशालखण्ड एक, गोमतीनगर, लखनऊ स्थित एलडीए मार्केट के काॅमन सर्विस सेन्टर में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के तहत श्रमिकों का पंजीकरण कराने के लिए पोर्टल की बटन दबाकर शुरूआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस पेंशन योजना से प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के 4.5 करोड़ श्रमिक लाभान्वित होंगे। इसमें रिक्शा चालक, फेरीवाला, लेबर, घरेलू कामगार, दर्जी, पान गुमटी वाले, छोटे व पटरी दुकानदार जैसे कामगार जिनकी मासिक आय 15000 रुपये से कम हो और जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच हो अपना पंजीकरण करा सकते है। 

उन्होंने बताया कि ऐसे श्रमिकों को अपनी आय के अनुसार प्रतिमाह 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक इस पेंशन निधि में जमा कर सकते हैं और इतनी ही राशि भारत सरकार भी जमा करेगी। श्रमिक के 60 वर्ष आयु पूर्ण करने के बाद वृद्धावस्था के दौरान उन्हें 3000 रुपये की मासिक पेंशन आजीवन मिलेगी। श्रम मंत्री ने श्रमिकों से अपील की है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए अपना आधार कार्ड, बैंक खाता व मोबाइल नम्बर लेकर किसी भी काॅमन सर्विस सेन्टर, भारतीय जीवन बीमा निगम, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन व जिला श्रम कार्यालयों में जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन  सुरेश चन्द्रा, श्रम आयुक्त अनिल कुमार, उप श्रमायुक्त लखनऊ ,एस0पी0 शुक्ला, श्रम प्रवर्तन अधिकारी  रामलखन पटेल के साथ अन्य विभागीय अधिकारी व श्रमिक उपस्थित थे।