सिंचाई सम्बंधी समस्याओं का निस्तारण मौके पर ही किया जाये : धर्मपाल सिंह
लखनऊ, 11 फरवरी।    जल को प्रदूषित करने वाली जल कुम्भी को बैराजांे पर सफाई कर तुरन्त हटाया जाये तथा निकाली गयी जल कुम्भी से नवीनतम् तकनीकी का प्रयोग करते हुए बायो गैस बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्य योजना शीघ्र तैयार की जाये। यह निर्देश सिंचाई मंत्री श्री धर्म पाल सिंह ने आज अपने कार्यालय कक्ष में बैराजांे की सफाई व्यवस्था एवं आधुनिकीकरण की समीक्षा के दौरान सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष श्री वी0के0 राठी को दिये। सिंचाई मंत्री ने कहा कि इस तरह जल कुम्भी से जहाॅं एक तरफ बायो गैंस उर्जा में परिवर्तित किया जा सकेगा वहीं दूसरी तरफ बैराजों से जल कुम्भी की पूर्णतया समाप्त हो जायेगी।  सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रथम चरण में ओखला बैंराज पर पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना को प्रारम्भ करंे तदोपरान्त प्राप्त परिणामों के आधार पर अन्य बैराजों (गोमती बैराज सहित) में इसका विस्तार/संचालन किया जायंे। श्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि वे अपने क्षेत्रों का सघन भ्रमण करें तथा किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं का तुरन्त मौके पर ही निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नहरों की सिल्ट सफाई के परिणाम स्वरूप किसानों के उन खेतों में भी पानी पहुॅचा है जहाॅं वर्षो से सिंचाई हेतु पानी नही पहुॅचा था। फलतः किसानों ने योगी सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया हंै। उन्होंने बताया कि इस क्रम में उन्हंे भी भ्रमण के दौरान किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सरकार की सराहना की हैं तथा इसी संदर्भ में कई विधायकों ने भी इस कार्य की मुक्त कन्ठ से सराहना की हंै।  प्रमुख अभियन्ता श्री राठी ने बैठक में अवगत कराया कि इस विषय में उन्होने कई वैज्ञानिकांे एवं अनुसंधान संस्थानांे से विमर्श किया है तदा्नुसार इस बायो गैस को संयंत्र के माध्यम से विद्युत आदि में परिवर्तित किया जा सकेगा।