भारत के पास समृद्ध राष्ट्र बनने के लिए सब कुछ है:प्रधानमंत्री

पाकिस्तान अपनी मौत मरेगा उसे छोड़ दो, हमे आगे बढ़ना है


मैं भी चौकीदार हूं' के नारे से गूंजा पूरा स्टेडियम


 मैं भी चौकीदार कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि चौकीदार न कोई व्यवस्था है, न कोई यूनिफॉर्म की पहचान है न कोई चौखट में बंधा है। चौकीदार एक स्प्रिट है, एक भावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  मैं भी चौकीदार  कार्यक्रम में कहा कि मेरे लिये चौकीदार महात्मा गांधी की भरोसे की अवधारणा का प्रतिनिधि है। PM ने कहा कि देश की जनता को राजा-महाराजा की ज़रूरत नहीं है, देश की जनता को हुकुमदारों की ज़रूरत नहीं है बल्कि देश की जनता चौकीदार को पसंद करती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता फिर से एक बार हमे देश की सेवा करने का मौका देने वाली है। मुझे ख़ुशी है कि देश का युवा दूर का देखते हैं। हम राजनेता तो अभी 11 को क्या होगा या 21 को क्या होगा इसी में लगे पड़े हैं और आप शपथ के विषय में सोच रहे हैं। भाजपा के दिग्गज नेता ने कहा कि एक अध्यापक अपना कर्तव्य निभाता है तो विद्यार्थी का भविष्य बादल जाता है। एक पुलिस वाला अपना कर्तव्य निभाता है तो समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाता है और उस अर्थ में हमारे देश में मुझे जो सफलता मिली है उसका मूल कारण जन भागीदारी है। हर व्यक्ति के अपने सपने, अपनी इच्छाएं होती हैं। वो होनी भी चाहिए, लेकिन हम तय करें कि सबसे ऊपर देश हो। इससे हम सारी समस्याओं का समाधान निकाल लेंगे। 


प्रधानमंत्री ने कहा कि  देश के लिए कुछ कर गुजरने वाले, देश के सम्मान में ही अपना गर्व अनुभव करने वाले लाखों लोगों से तकनीक के माध्यम से मुझे मिलने का सौभाग्य मिला है। इस देश के लिए इमानदारी से काम करने वाला सभी व्यक्ति इस देश का चौकिदार है, चाहे वह डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी नौकरी या फिर अन्य काम करते हो। उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा ने मुझे दायित्व दिया उसके बाद मुझे देश के कौने कौने में जाने की नौबत आयी। तब मैंने देश के लोगों से कहा थी कि आप दिल्ली का दायित्व जो मुझे दे रहे हैं उसका मतलब है कि आप एक चौकीदार बैठा रहे हैं। मैंने तब कहा था कि मेरी ये कोशिश रहेगी कि मैं जनता के पैसे पर पंजा नहीं पड़ने दूंगा। एक चौकीदार के रूप में मैं अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा।


बालाकोट के लिए जवानों को  सैल्यूट करते हुए मोदी ने कहा कि यह मैंने नहीं किया, देश के जवानों ने किया है, हमारे सुरक्षा बलों ने किया है। उन्होंने कहा कि जहां तक निर्णय का सवाल आता है तो आपने इस देश में बहुत सारे प्रधानमंत्री देखें हैं या उनके विषय में सुना है। 2014 में भी कईं लोग उस कतार में थे। आज लाइन थोड़ी लंबी हो गयी है। अगर मोदी अपने राजनीतिक भविष्य का सोचता, तो वो मोदी नहीं होता। अगर यही राजनीतिक पैंतरेबाजी से देश चलाना होता, अपने राजनीतिक हित को लेकर फैसले करने होते, तो मोदी की देश को कोई जरूरत नहीं थी। मोदी ने कहा कि मुझ जैसे राष्ट्रीय राजनीति में अनजान व्यक्ति को देश की जनता ने 30 साल बाद पूर्ण बहुमत दिया। हमारे देश के राजनीतिक दलों को भी नहीं पता है कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण होती है। दुनिया का कोई नेता जब मुझसे हाथ मिलाता है या गले लगता है (गले पड़ता नहीं है), तो उसे मोदी नहीं दिखता, पूर्ण बहुमत वाली सरकार के माध्यम से सवा सौ करोड़ देशवासी उसे दिखते हैं, तब जाकर बराबरी वाली बात होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को लगता होगा की मोदी चुनाव में busy होगा तो शायद कुछ करेगा नहीं। मेरे लिए चुनाव priority नहीं है, देश  priority है।


शिक्षक बड़ा चौकीदार होता है। वो आने वाली पीड़ी की सुरक्षा करता है। ऐसे चौकीदारों को मैं नमस्कार करता हूं। जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें  पाई-पाई लौटानी पड़ेगी। 2014 से सारी चीजें इकट्ठा करना और समेटने का काम मैं कर रहा हूं। आपकी मदद से जेल के दरवाजे तक तो मैं इन लोगों को ले गया, कुछ जमानत पर हैं और कुछ डेट मांग रहे हैं ।कुछ लोग विदेश की अदालतों में कहते हैं कि भारत की जेलों की स्थिति अच्छी नहीं है। अब इनको कोई महल में थोड़ी रखेगा। अंग्रेजों ने गांधी जी को जिस जेल में रखा था, मैं उनको उससे अच्छी जेल नहीं दे सकता। हमें टैक्सपेयर्स का गौरव करना चाहिए। मेरे लिए टैक्सपेयर्स देश के गरीबों की सेवा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। और जो गलत कर रहा है वो किसी भी हालत में बचना नहीं चाहिए। जब हिंदुस्तान के सामान्य मानवी के मन में ये भावना जगती है कि देश कब विकसित होगा। तो इस सवाल के पृष्ठ में ही देश की प्रगति की भावना दिखाई देती है। भारत के पास समृद्ध राष्ट्र बनने के लिए सब कुछ है। इच्छा शक्ति और सवा सौ करोड़ देशवासियों का सपना होना चाहिए कि अब हमें पिछड़ा नहीं रहना।  हमने बहुत सारा समय भारत पाकिस्तान करने में ही गुजार दिया। अरे वो अपनी मौत मरेगा उसे छोड़ दो, हमे आगे बढ़ना है बस इसी पर हमारा ध्यान रहना चाहिए। 'मिशन शक्ति' के द्वारा हमारे देश के वैज्ञानिकों ने वो शक्ति हासिल की है। जो हमसे पहले दुनिया के केवल 3 देशों के पास थी।  कांग्रेस के झूठ सीजनल होते हैं। सीजन के हिसाब से वो झूठ बोलते हैं, फिर मैदान में छोड़ते हैं और इनका ईको सिस्टम इसे उठाता है। देश में डॉ भीमराव अंबेडकर जी का सम्मान हमारी सरकार ने किया है। OBC कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने के लिए हम संसद में बिल लाए और अभी सविंधान में संशोधन करके हमने सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10% आरक्षण दिया है।  उनके झूठ की उम्र भी ज्यादा नहीं, कुछ झूठ की तो ‘बालमौत’ हो जाती है, लेकिन फिर भी उसे खींचते रहते हैं। इस झूठ का जवाब आसान है। सिर्फ सच बताते चलिए। सच की ताकत इतनी होती है कि झूठ टिक नहीं पाएगा। जो झूठ बोलता है तो उसके लिए पहली शर्त होती है कि उसकी मेमोरी पावर तेज होनी चाहिए। लेकिन वो एक दिन एक आंकड़ा बोले, दिन अगले दिन दूसरा, उनकी झूठ की फैक्ट्री उन्हें पकड़ा देती है की इस झूठ को चलाइये। लेकिन मेमोरी पावर कम होने के कारण वो पकडे जाते हैं। कुछ लोग ये मान कर बैठे हैं की ये देश, ये सरकार उनकी पैतृक संपत्ति है। इसलिए उनको ये हज़म नहीं होता की एक चायवाला प्रधानमंत्री बन गया । एक तरफ झूठ की फैक्ट्री चली है, रोज नए-नए झूठ आ रहे हैं। आप सत्य पहुंचाने का भरपूर प्रयास कीजिए। सत्य पाने के लिए आप नरेंद्र मोदी ऐप डाउनडोल कीजिए, उसमें आपको तथ्यपरक जानकारियां प्राप्त होती हैं।