धान खरीद में अनियमितता बरतने वाले 472 के विरूद्ध कार्यवाहियां हुईं
लखनऊः 1 मार्च । प्रदेश में इस बार पूर्व के रिकार्ड को तोड़ते हुये धान की सरकारी खरीद की गयी है। इस बार 48.20 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, जबकि प्रदेश में अधिकतम 43.43 लाख मीट्रिक टन धान खरीद हुई थी। खरीफ वर्ष 2018-19 में मूल्य समर्थन योजना के तहत 28 फरवरी, 2019 तक हुई धान खरीद में 683034 किसान लाभान्वित हुए हैं तथा किसानांे को 8537.77 करोड़ रूपये का भुगतान आनलाइन 72 घण्टे के अन्दर किया गया है। यह जानकारी खाद्य आयुक्त श्री आलोक कुमार ने दी।

खाद्य आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष धान खरीद मंे लघु, सीमान्त कृषकों का विशेष ध्यान दिया गया, उनकी खरीद हेतु सप्ताह में 02 दिन आरक्षित रखे गये। हाईब्रिड धान की खरीद में आने वाली समस्याओं के दृष्टिगत चावल की रिकवरी में 3 प्रतिशत की छूट दी गयी, जिसका खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 रूपये प्रति कुन्तल के हिसाब से छनाई, सफाई के मद में राजकोष से अतिरिक्त दिये गये।

आलोक कुमार ने बताया कि किसानों की शिकायतों के निवारण के लिए जनपद, सम्भाग व प्रदेश स्तर पर कन्ट्रोल रूम बनाया गया तथा उनकी शिकायतों का निस्तारण अधिकतम 03 दिनों के अन्दर किया गया। उन्होंने बताया कि धान खरीद में अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध 228 को कारण बताओ नोटिस, 112 को चेतावनी, 18 को प्रतिकूल प्रविष्टि, 10 के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही, 5 का निलम्बन, 96 व्यापारियों को नोटिस ेतथा 2 लाइसेन्स निलम्बन की कार्यवाहियां की गयीं।