मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा मोचन बल के नवनिर्मित मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया
 

राज्य आपदा मोचन बल की मानक कार्यपद्धति पुस्तिका का विमोचन 

उ0प्र0 जैसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य में अपना आपदा मोचन बल की आवश्यक: मुख्यमंत्री

राज्य आपदा मोचन बल के जवानों को अच्छी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए

वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस एवं प्रयागराज कुम्भ-2019 में पुलिस की कार्यपद्धति एवं आचरण से प्रदेश पुलिस बल की छवि में सकारात्मक बदलाव आया

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा की स्थिति में समय पर राहत व बचाव कार्य प्रारम्भ करके जन व धन की बड़ी हानि से बचा जा सकता है। वर्तमान में राज्य आपदा मोचन बल की 3 बटालियनों के कार्यशील होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य में अपना आपदा मोचन बल होना आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री  आज यहां सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नूरपुर भदरसा में राज्य आपदा मोचन बल (एस.डी.आर.एफ.) के नवनिर्मित मुख्यालय भवन के लोकार्पण के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। भवन के उद्घाटन के उपरान्त उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल के उपकरणों का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल की मानक कार्यपद्धति पुस्तिका का विमोचन भी किया। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि मार्च, 2017 में वर्तमान राज्य सरकार के कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त जुलाई, 2017 में प्रदेश के कई जनपदों में बाढ़ की विभीषिका हुई। यद्यपि उस समय पी0ए0सी0 की फ्लड यूनिट कार्यशील थी, किन्तु आपदा से बचाव व राहत कार्याें हेतु एन.डी.आर.एफ. पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके दृष्टिगत माह सितम्बर, 2017 में राज्य आपदा मोचन बल की स्थापना के कार्य को आगे बढ़ाने के निर्देश दिये गये। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण का भी गठन किया गया है। राज्य आपदा मोचन बल एवं राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को मिलकर प्रदेश में हर प्रकार की सम-विषम आपदा से निपटने के लिए रणनीति तैयार करनी चाहिए, जिससे आपदा की स्थिति में पीड़ितों की हर प्रकार से सेवा और सहायता की जा सके। इसके साथ ही, राज्य आपदा मोचन बल को अपने कार्याें से अन्य राज्यों के लिए मानक भी स्थापित करना चाहिए।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य आपदा मोचन बल के जवानों को अच्छी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, क्योंकि किसी भी पुलिस बल के लिए ‘ट्रेनिंग में जितना अधिक पसीना बहाओगे, उतना ही कम खून बहेगा’ का मंत्र सही है। अच्छी ट्रेनिंग से राज्य आपदा मोचन बल द्वारा अधिक से अधिक लोगों की रक्षा की जा सकेगी। मुख्यमंत्री  ने कहा कि वर्ष 2019 में सम्पन्न दो बड़े आयोजनों, वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस एवं प्रयागराज कुम्भ-2019 में प्रदेश पुलिस बल की भूमिका की सर्वत्र सराहना हुई है। इन आयोजनों में पुलिस की कार्यपद्धति एवं उत्तम आचरण से प्रदेश पुलिस बल की छवि में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रयागराज कुम्भ-2019 की थीम ‘स्वच्छ एवं सुरक्षित कुम्भ’ रखी गयी थी। इस बार के कुम्भ में 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आये। यह एक बहुत बड़ी संख्या है। भारत वर्ष को छोड़कर केवल विश्व के केवल 4 देशों की जनसंख्या इससे अधिक है। इतने बड़े जनसमुदाय को नियंत्रित करना, गंतव्य पर पहुंचने के लिए उनका मार्गदर्शन करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बहुत बड़ा कार्य है। कुम्भ के दौरान प्रदेश पुलिस, पी0ए0सी0, एस0डी0आर0एफ0 ने शानदार कार्य किया है। प्रदेश पुलिस की योजनाबद्धता और समुचित प्रशिक्षण से यह कुम्भ सकुशल तथा बिना किसी दुर्घटना के सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक  ओ.पी. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के दृढ़ निश्चय से राज्य आपदा मोचन बल का गठन हुआ है। उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल द्वारा किये गये कार्याें के बारे में जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि प्रदेश में कहीं भी, किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवगत आपदा की स्थिति में राज्य आपदा मोचन बल सभी आवश्यक कार्यवाहियों के लिए तत्पर है।

राज्य आपदा मोचन बल के सेना नायक  हेमन्त कुटियाल ने अपने स्वागत सम्बोधन में बताया कि बल का गठन पुलिस विभाग की विभिन्न शाखाओं से आये पुलिसकर्मियों द्वारा किया गया है। वर्तमान में इसकी 3 कम्पनियां कार्यरत हैं, जिसमें 369 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। यह किसी राज्य का पहला आपदा मोचन बल है, जिसका अपना भवन है। कार्यक्रम के अन्त में, अपर पुलिस महानिदेशक पी0ए0सी0 श्री बी0के0 सिंह ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  स्वाती सिंह, एस.डी.एम.ए. के उपाध्यक्ष ले. जनरल (से.नि.) आर.पी. साही, प्रमुख सचिव गृह  अरविन्द कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य आपदा मोचन बल के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।