पाकिस्तान हर बार ड्रामा करता है 

म इधर लगातार पाकिस्तान और उसकी करतूतों कारनामों एवं उसके स्वभाव पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसा कुछ माहौल ही इस समय बना हुआ है कि हमें इस पर चर्चा करनी पड़ रही है। हमने कल कहा था कि पाकिस्तान की स्थिति "सकसे की बीवी और हरकतें के मियां जैसी" है। पिछले 40-50 साल का इतिहास गवाह है कि हर आतंकी घटना के बाद उसके कहने पर हमने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिये सबूत डोजियर के रुप मे उसे कार्रवाई करने के लिए दिया है लेकिन आज तक कभी उसने कोई कार्यवाही नहीं किया है और न ही उसका देश आतंकवादियों से मुक्त हो सका है। दो दिन पहले भारत को परमाणु बम हमले की गिदरभभकी देने और हवाई हमले की कोशिश एवं हमारे बहादुर जांबाज कमांडर पायलट को बंधक बनाने वाले वहां के प्रधानमंत्री दुनिया का कड़ा रुख देखकर एक बार फिर गिरगिट की तरह रंग बदल कर भारत से शांति की दुहाई मांगने  लगे हैं। हमेशा की तरह इस बार भी वह हमसे पुलवामा हमले में पाकिस्तान के शामिल होने का प्रमाण मांगने लगा है। वहां के प्रधानमंत्री कल तक मैदान में फुटबॉल खेलते थे और उन्हें शायद अभी राजनीतिक पिच पर मैच खेलने का अनुभव नहीं है। वह नहीं जानते हैं कि पाकिस्तान का इतिहास इस बात का गवाह है कि जब जब भी वहां के प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद समर्थित सेना एवं गुप्त एजेंसियों के विपरीत कार्य करने की हिमाकत की उसे सजा जरूर मिली है। अगर वहां पर बैठे आतंकी आकाओं के खिलाफ स्वप्न में भी किसी ने सोचा तो उसे वहां की सेना ने रातों रात हटा दिया है। शायद इमरान साहब नहीं जानते हैं कि वह प्रधानमंत्री तभी तक रह सकते हैं जब तक वह अपनी सेना गुप्ता एजेंसियों एवं आतंकी जिहादी संगठनों के इशारे पर कठपुतली की तरह नाच रहे हैं और उनका कहना मान रहे हैं। शायद उन्हें नहीं पता की आज तक जितने डोजियर भारत की तरफ से पाकिस्तान को सौपे गए हैं उन्हें खोलने तक की हिम्मत तक किसी प्रधानमंत्री ने नहीं दिखाई है और जिसने दिखाने की सोचा भी तो उसे जान बचाने के लिए देश छोड़ कर भाग जाना पड़ा है। पाकिस्तान बार बार हमसे प्रमाण मांगता है और अपने सरजमी से आतंकी गतिविधियों को संचालित न होने देने की कसमें खाता है लेकिन हर बार वह कुछ करता नहीं है बल्कि हमें भी झूठा साबित करने लगता है।  विमान को मार गिराने के बाद दोपहर बाद से पाकिस्तान के बदले सुर धोई धाई बछिया जैसे हो गए हैं और दुनिया में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान अमन की अपील करने लगा है। एक तरफ तो वह भारत के आतंकी अपराधियों को अपनी गोदी में बिठाए उनकी जान बचाने की कोशिश कर रहा है तो दूसरी तरफ वह आतंकवाद पर दुनिया को बरगलाने के लिए बातचीत करने की पेशकश कर रहा है। गुनहगार पाकिस्तान एक बार फिर हमसे अपनी बेगुनाही का सबूत मांग रहा ह। हमारी सेना की तरफ से एक बार फिर पाकिस्तान को दिखाने के लिये अंतिम डोजियर प्रमाण के रूप में देने के लिए सरकार को सौंप दिया है।पाकिस्तान को सबूत के साथ दिए गए डोजियर को ही उसे हमारी बातचीत मान लेनी चाहिए अगर इसके बावजूद इस बार भी वह कोई कार्यवाही नहीं करता है तो हमारी सेना में साफ कह दिया है कि उसे इस बार उसकी सजा जरूर मिलेगी। भारत द्वारा पाकिस्तान को दिये जाने वाले डोजियर पर पाकिस्तान की तरफ से होने वाली कार्यवाई का इंतजार भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया कर रही है और अगर इस बार भी पिछली बार की तरह डोजियर को नजरअंदाज करता है तो आतंक पीड़ित दुनिया के सभी देशों को चाहिए की वह आतंकवाद के सफाए के लिए पाकिस्तान का सफाया करने की संयुक्त मुहिम चलाकर पाकिस्तान को आतंकवाद रहित बनाने का श्री गणेश करें। दशकों बीत गया है पाकिस्तान जिहाद के नाम पर अपने आंगन में आतंकवादियों को पाल पोस कर उन्हें दुनिया में सप्लाई कर रहा है और तमाम अंतरराष्ट्रीय घोषित आतंकियों को अपने यहां पनाह दे रहा है। उसके पाकिस्तान में घुसकर अमेरिका अल कायदा सरगना को उठाकर उसका महासागर में अंतिम संस्कार का चुका है इसके बावजूद वह बेशर्म हमसे अपने यहां आतंकवाद होने का प्रमाण मांग रहा है। हमारे यहां एक कहावत कहते हैं कि" छनकै औ पतियाय उ जरामूर से जाय"।पाकिस्तान हर बार यही ड्रामा करता है और दुनिया को बेवकूफ बनाने का अपराध करता है इसलिए इसकी बातों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। वायुसेना के जबाबी कार्यवाही के बाद उसनें हमारे देश पर हवाई मिसाइल हमले नापाक कोशिश कर चुका है। लेकिन भारत एवं दुनियां के कड़े तेवर देखकर उसे मजबूरी में भीगी बिल्ली बनकर गिड़गिड़ाना और शांति का पाठ पढ़ना पड़ रहा है।