पाकिस्तान की सरकार तो दुनिया को बेवकूफ बनाने का ढकोसला मात्र है

हमले को लेकर शुरू राजनीति और जम्मू कश्मीर बस अड्डे पर हुए आतंकी हमले पर विशेष


एक तरफ जहाँ पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और हमारे यहाँ पर राजनैतिक रोटियां सेंकने का दौर शुरू हो गया है
जो लोग कहते है कि पुलवामा हमले के बाद हमारी सेना द्वारा की गई जबाबी कारवाई से पाकिस्तान घबड़ा गया है। पाकिस्तान वही पहले वाला ही है उसकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है बल्कि वह दुनिया भर में झूठों फरेबों का बादशाह बन गया है। पाकिस्तान की हूकूमत कितने हाथों में बंटी हुयी है इसका अंदाजा आतंकी संगठन जैश मोहम्मद के बारे में उनकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और जैश सरगना की तरफ से जारी किए गए आडियो एवं अलग अलग दिये गये बयानों से लगाया जा सकता है।पाकिस्तान की सेना लगातार सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर बेगुनाह नागरिकों को निशाना बना रही है। उसके पालतू आंतकी जम्मू कश्मीर में लगातार हमारे सुरक्षा बलों पर हमले कर रहे हैं जिसमें अबतक कई जवान शहीद भी हो चुके हैं। पाकिस्तान आतंंकवाद का बाप है और बाप बेटे कभी अलग नहीं रह सकते हैं।पाकिस्तान की सरकार तो दुनिया को बेवकूफ बनाने का ढकोसला मात्र है क्योंकि वहाँ की सरकार जनतांत्रिक वसूलों के दायरे में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत नहीं बल्कि वहां की सरकार कट्टरपंथी मुल्ला मोलवियो, सेना, गुप्तचर एजेंसी एवं आतंंकवाद समर्थकों के वसूलों सिद्धांतों के आधार पर चलती है और जो सरकार इन तीनों के विरुद्ध होती है यह तीनों मिलकर उसका सर्वनाश कर देते हैं।यही कारण है कि पाकिस्तान के तमाम लोगों के चाहने के बावजूद वहाँ की सरकार आतंकियों का साथ नहीं छोड़ पाती है। हमारे यहाँ आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वायुसेना के एअर सर्जिकल आपरेशन के बाद जहाँ विपक्षी राजनैतिक गलियारों में सबूत ही नहीं मांगे जा रहे है बल्कि अब तो पुलवामा घटना एवं सैनिक कारवाई को दोनों देशों के बीच फिक्स मैच तक कहा जाने लगा है। एक तरफ जहाँ पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और हमारे यहाँ पर राजनैतिक रोटियां सेंकने का दौर शुरू हो गया है। पाकिस्तान पोषित आतंकी वहाँ की सेना की तरह हरकतों एवं जबाबी कारवाई के प्रयास से बाज नहीं आ रहे हैं।यह ईश्वर की कृपा ही कही जायेगी कि  जम्मू बस स्टेशन पर हुये बम हमले में अबतक सिर्फ एक ही जान गई है और दर्जनों लोग घायल होकर बच गये। जिस बस के नीचे बम विस्फोट हुआ उसमें करीब तीस चालीस लोग अलग अलग शहरों प्रांतों के बैठे थे। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा विस्फोट से उड़े बस के परखचों क़ो देखकर लगाया जा सकता है। हाई अलर्ट के बावजूद बस अड्डे जैसे सार्वजनिक संवैदनशील क्षेत्र में दिनदहाड़े हुए बम विस्फोट को जम्मू कश्मीर पुलिस भले ही न रोक पाई हो लेकिन घटना के मुख्य आतंकी कैरियर को गिरफ्तार कर लिया है। सवाल बम विस्फोट करने वाले युवक का नही है बल्कि सवाल इस बात का है कि आतंकी युवक बम लेकर बस अड्डे तक पहुंचा कैसे? हमारी गुप्तचर एवं सुरक्षातंत्र से जुड़े लोगों को इसकी भनक क्यों नहीं मिल सकी। सभी जानते है कि यह आतंकी हमला हमारी सैनिक कारवाई का जबाब देने की नियत से कराया गया है।ह मला करने का उद्देश्य छोटी नही बल्कि बड़ी भयावह दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम देने के लिए के लिये कराया गया है। हमारे यहाँ पर जहाँ हमले की आड़ में राजनीति हो रही है तो दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर के हमारे सुरक्षा बल हाई अलर्ट के बावजूद कुंभकर्णी नीद में सो रहे हैं। पाकिस्तान हमारे देश के खिलाफ बदले की साजिशें रच रहा है और हमारे यहाँ लोग वोट की राजनीति के चलते हमले के सबूत मांगते हुये सरकार पर फिक्स मैच का आरोप लगाने में मशगूल हैं।