प्रो. बघेल ने मछुआ दुर्घटना बीमा योजना के लाभार्थियों को चेक प्रदान किए
मछुआ समुदाय के आर्थिक व सामाजिक कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध:-प्रो. एस.पी. सिंह बघेल

 

लखनऊ,  09 मार्च। प्रदेश के पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य विकास मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने आज यहाॅ अपने राजकीय आवास पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पी.एम.एस.वाई.) मछुआ  दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत सहारनपुर जिले के मत्स्य पालक स्व. राम शरण की पत्नी . सुदेश कानपुर देहात जिले के मत्स्य पालक स्व. छिद्दा के पिता कालका एवं जौनपुर जिले के मत्स्य पालक स्व.राजेश कुमार की पत्नी सीमा को दो लाख रूपये के बीमा दावे का अलग-अलग चेक प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रो. बघेल ने कहा कि सरकार मछुआ समुदाय के आर्थिक व सामाजिक कल्याण एवं आकस्मिकता की स्थिति में उनके हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। दो मृतक आश्रित महिलाओं को योजनान्तर्गत बीमा दावे का भुगतान करते हुये उनके भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है जबकि एक अविवाहित मृत पुरूष लाभार्थी के बुजुर्ग पिता को बीमा की राशि उपलब्ध करायी गयी है। 

प्रो. बघेल ने बताया कि प्रदेश में भारत सरकार एवं राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पी.एम.एस.वाई.) के अंतर्गत मत्स्य पालकों को जोखिम सुरक्षा देने हेतु मछुआ दुर्घटना बीमा योजना संचालित है। इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति के बीमा प्रीमियम के शतप्रतिशत भुगतान हेतु भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समान रूप से व्ययभार वहन किया जाता है जबकि आच्छादित मत्स्य पालक को कोई धनराशि वहन नहीं करनी पडती है। आच्छादित मत्स्य पालक के दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण अपंगता की दशा में 02.00 लाख रूपये के क्लेम का भुगतान आच्छादित मत्स्य पालक के आश्रित/व्यक्ति को प्रदान किया जाता है एवं आंशिक अपंगता की दशा में बीमित व्यक्ति को रू0 1.00 लाख का दावा भुगतान अनुमन्य है। 

मत्स्य विकास मंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा नामित नोडल एजेन्सी ‘‘राष्ट्रीय मत्स्य जीवी सहकारी संघ मर्यादित (फिशकाॅपफेड), नई दिल्ली के माध्यम से संचालित है। इस योजना की बीमा प्रीमियम की धनराशि रू0 12.00 प्रति मत्स्य पालक निर्धारित है जिसमें समान रूप से 50-50 प्रतिशत बीमा प्रीमियम धनराशि का वहन भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है। इस योजनान्तर्गत 02 लाख मत्स्य पालकों को आच्छादित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके सापेक्ष अब तक 01.20 लाख मत्स्य पालकों का डाटाबेस फिशकाॅफेड, नई दिल्ली को उपलब्ध कराते हुये 1.03333 लाख व्यक्तियों का प्रीमियम संबंधित नोडल एजेन्सी को भुगतान किया जा चुका है। वर्ष 2018-19 में 04 आच्छादित मत्स्य पालकों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार को रू0 02.00 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है। इस योजना के अन्तर्गत योजनारम्भ से 139 परिवारों को रू0 90.00 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है।  कार्यक्रम में प्रमुख सचिव, पशुधन एवं मत्स्य, डा.सुधीर एम. बोबडे, मत्स्य विभाग के निदेशक  एस.के.सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।