कलयुगी पुत्रों का मां, पिता पर बेरहमी का हंटर

कलयुगी पुत्रों का मां, पिता पर बेरहमी का हंटर


आज सुबह 8 बजे से मां अपने ही घर के साामने बैठी धरने पर बैठी, मां को इस समय छोटा बेटा और बहु अपनी मां को दे रहा है गालिया


छोटी बहु कह रही है कि मकान हमारे नाम करों नहीं तो हम कर लेंगें आत्महत्या और तुम दोनों को भेजवादूगी जेल
स्थानीय पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है माता पिता
किराए के मकान में रहने मजबूर हैं वृद्ध


दोनों पुत्रो व बहुओं ने मारपीट व लातों से धक्के मार- मार कर निकाल दिया घर से बाहर
दो पुत्रों की करतूत मोहल्ले वालों ने देखा
दो पुत्रों की दबंगी के डर से मोहल्ले वाले पुलिस के सामने कुछ कहने को तैयार ही नही है।


लखनऊ। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी सरकार समाज के हर वर्ग के लिए सजग है, और वृद्धावस्था पेंशन भी बढ़ाई है और गुण्डा राज खत्म करने का वादा करने वाली सरकार में पुलिस भी सरकार की गरिमा को पलिता लगा रही है। वही उनकी सरकार में लाचार माता-पिता दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। न्याय की आस में भटकता माता- पिता लचीली कानून व्यवस्था के चलते परेशान है।
गोमती नगर के विशल खण्ड-1 मकान नं. 673 निवासी उर्मिला बाजपेई व उनके पति उमाकांत बाजपेई को दोनों बेटो और बहुओं ने गत महीने घर से लाट-घूसे मार-मार कर बाहर निकाल दिया। चलने फिरने से लाचार वृद्ध माता पिता स्थानीय पुलिस के दरवाजे पर माथा टेका। पुलिस वापस घर भेजा तो दोनों बेटो और बहुओं ने जान से मारने की धमकी देकर फिर से घर से बाहर निकाल दिया। माता पिता ने बेटो और बहुओं पर मारपीट व प्रताड़ना की प्राथमिकी दर्ज कराई है। लेकिन दोनों बेटो की दंबगई के आगे स्थानीय पुलिस ने भी कोई मदद नहीं की। लचार माता ने एसएसपी कलानिधि के दरवाले अपना मत्था टेका और प्राथना पत्र में संपत्ति के खातिर वृद्ध व बीमार माता-पिता को निकाला घर से बाहर निकालने का हवाला दिया, लेकिन वहां से भी उनको निराषा हाथ लगी। इसके बाद वृद्ध मां ने मुख्यमंत्री के दरबार में अपना प्राथना प़त्र भी दिया वहां से भी काई राहत नहीं मिली। दोनों बेटो की दंबगई तथा मोटो रकम देने से उल्टा स्थानीय पुलिस लाचार माता पिता को धमका रही है। दोनों बेटो को जब पता चला कि मां बाप अधिकारियों के दरवाजे जा रहे है तब दोनों बेटो ने मां-बाप को जान से मार देने की धमकी देकर गंभीर रूप से प्रताडित कर जान माल का नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है।
आखिर में दरदर भटकने को मजबूर माँ बाप अपने दो जवान पुत्रों से अपनी जान माल के सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से जब लाचार माता पिता को राहत मिली और कोर्ट ने जिलाधिकारी को बेटो के कब्जे से मकान खाली कराने का आदेश दिया, लेकिन जिलाधिकारी कार्यालय से फाईल निकल की ईधर उधर भटक रही है। बहरहाल आज भी लाचार माता पिता को कोई भी राहत मिलने की उम्मीद नही है। माता पिता ने बड़ी परेशनियों का सामना करते हुए दोनों बेटो को इंजिनियरिंग बीटेक कराया। तिनका तिनका बटोर कर परिवार को एक अच्छी स्थिति में खड़ा कर देने के बाद मता-पिता को बेरहमी से पीट कर और उसे लातों से धक्के मार-मार कर घर से बाहर निकाल दिया गया। जिसने पुत्रों के लिए सजाया और संवारा उन्ही पुत्रों ने बूढ़े माता पिता को किराए के मकान में रहने के लिए विवश कर दिया। अपने पुत्रों के अत्याचार से त्रस्त दरदर भटकने को मजबूर है बूढ़े माता पिता।
बड़ा बेटा अमित बाजपेई व बहु दुबई में नौकरी करते हैं। छोटो बेटा आषिष बाजपेई घर पर ही बनी दुकान में कुत्ते पालने और बेचने का काम करता है। अक्सर छोटा बेटा व उसकी पत्नी मकान छोड़कर बाहर जाने का दबाव बनाती है। छोटी बहु वकील है उसने ने दहेज प्रताड़ना का मुकदमा भी दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देती है। 18 दिसम्बर 2018 को बड़ा बेटा अमित बाजपेई व बहु घर आये और कहा कि घर खाली करो । जब माता पिता ने इस बात का विरोध किया तो दोनों बेटो और दोनों बहुओं ने लातो घूसे से धक्के मार-मार कर घर से बाहर निकाल दिया।
छोटा बेटा जो कुत्ते पालने और बेचने का काम करता है वह कुत्तों को जहरीला इंजक्षन लगाकर मार देता है। माता पिता को भी एक बार इंजक्षन लेकर जान से मारने के लिए दौड़ाया था, लकिन दोनों ने अपनी किसी तरीके से जान बचाई थी।
अब माता पिता को कोर्ट का आदेष मिलने के बाद भी अपने मकान वापस व प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। फिर लाचार माता पिता को प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री से न्याय की आष लगाए है।  मुख्यमंत्री  को कई बार मिलने गये लेकिन सख्त सुरक्षा होने के कारण मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई। बहरहाल अपने पुत्रों के अत्याचार से त्रस्त लाचार माता पिता दरदर भटकने को मजबूर है।


पीड़िता का नम्बर 9794954457