बहराइच में विजयी हुए भाजपा के अक्षयवर लाल


बहराइच। बहराइच सुरक्षित लोकसभा सीट पर एक बार फिर भगवा परचम लहराया है। भाजपा प्रत्याशी अक्षयवर लाल ने 128669 वोटों से जीत दर्ज की है। गठबंधन के सपा प्रत्याशी शब्बीर वाल्मीकि दूसरे व निवर्तमान सांसद एवं कांगेस प्रत्याशी सावित्री बाई फुले तीसरे स्थान पर रहीं। चुनाव के बाद से ही भाजपा की जीत तय मानी जा रही थी, किन्तु यह भी कयास लगाया जा रहा था कि गठबंधन प्रत्याशी भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहा है। जिस तरह भाजपा ने बम्पर वोटों से इस सीट पर जीत दर्ज की है, इसका अंदाजा तो पार्टी के पदाधिकारियों व प्रत्याशी को भी नहीं रहा होगा। बहराइच की भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले काफी दिनों से पार्टी से बगावत पर उतारू थीं।
चुनाव के ऐन पहले उन्होंने तल्ख तेवर दिखाते हुए भाजपा को अलविदा कहा। भाजपा ने बलहा के विधायक अक्षयवरलाल गोंड को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। सपा ने गठबंधन की ओर से पूर्व प्रत्याशी रहे शब्बीर वाल्मीकि पर विश्वास जताया।
इस बीच सावित्री बाई फुले कांग्रेस में शामिल हो गईं और कांग्रेस ने उन्हें बहराइच सीट से टिकट दे दिया। शुरुआती दौर में यहां त्रिकोणात्मक लड़ाई मानी जा रही थी, किन्तु 3० अप्रैल को यहां हुई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के बाद स्थिति बदली और लोगों ने भाजपा को समर्थन देने का मन बनाया। मोदी की यह बात बहुत भाई जिसमें उन्होंने कहा कि आप कमल का बटन दबाइए आपका वोट सीधे मोदी के खाते में जाएगा। उनकी इन बातों का भी प्रभाव चुनाव के दिन देखने को मिला। 6 मई को मतदान के दिन अत्यधिक गर्मी पड़ने की वजह से वोट प्रतिशत नहीं बढ़ सका, जिससे यह कयास लगाया जा रहा था कि कम वोट पड़ने का नुकसान भाजपा को ही उठाना पड़ेगा, किन्तु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। वोटरों ने शायद पहले ही मन बना लिया था कि किसके पक्ष में वोट करना है। आम मतदाता पूरी तरह शांत रहा, जिससे उनके मनोभाव को पढ़ना आसान नहीं था। फिर भी चुनाव के दिन से ही राजनीतिक दिग्गज यह आंकलन कर रहे थे कि गठबंधन से कांटे की टक्कर होने के बावजूद भी यहां भाजपा चुनाव जीत रही है। मतगणना के बाद गुरुवार को यह बात सच साबित हुई।