भारत के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है बौद्ध धर्म - राज्यपाल 
लखनऊ, । उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि विश्व के अन्य देशों के बीच बौद्ध धर्म भारत के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।  बौद्ध धर्म अपनी सहजता और सरलता के कारण देखते-देखते तिब्बत, चीन, मलेशिया, थाइलैण्ड, कोरिया जैसे अनेकों देश में फैला। राज्यपाल बौद्ध बिहार शान्ति उपवन में संयुक्त बुद्ध उपासक संघ द्वारा बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।  राज्यपाल ने कहा कि महात्मा बुद्ध ने राजपाट एवं घर परिवार त्याग कर कठोर तप से 'बुद्धत्व' प्राप्त करके समाज सुधार का कार्य किया। अन्धविश्वास और कुरीतियों को दूर करते हुए भगवान बुद्ध ने जो व्यवहारिक और सहज शिक्षा एवं दर्शन दिया वह आज भी प्रासंगिक है। महात्मा बुद्ध सामाजिक समानता एवं समरसता के पक्षधर थे, उनके द्वारा बताये गये 'अष्टांग मार्ग' में एक वैचारिक दर्शन है। 

उन्होंने कहा कि मन की शान्ति के लिए भगवान बुद्ध के विचार महत्वपूर्ण हैं।  राज्यपाल ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके अपनी आदरांजलि व्यक्त की। राज्यपाल ने कहा कि पांच वर्षों में यह पहला अवसर है जब उन्हें बुद्ध पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि राज्यपाल प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमण्डल के सदस्यों, उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश एवं न्यायधीशों को शपथ दिलाता है, पर प्रोटोकाल में ऐसा है कि वह स्वयं कहीं नहीं जा सकता, जब तक कि उसे आमंत्रित न किया जाय। उन्होंने आयोजकों द्वारा पहली बार बुलाये जाने के लिये आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर दया सागर बौद्ध ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा एक मांगपत्र भी सौंपा। कार्यक्रम में बौद्ध भिक्षु प्रज्ञासील ने भी अपने विचार रखे।