डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय पर विकास कामों से मैदान जीतने की चुनौती

केशव पर फूलपुर और शाही पर देवरिया जिताने का जिम्मा


डॉ. रमापति राम त्रिपाठी को बचाना है अपना सम्मान  


लखनऊ ।यूपी में लोकसभा चुनावों के छठे और सातवें चरण में भाजपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तो चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा ही रहे हैं, इसके साथ ही दो और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। भाजपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय चंदौली से प्रत्याशी हैं तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. रमापति राम त्रिपाठी देवरिया से भाजपा के प्रत्याशी हैं। चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। 
फूलपुर से 2014 में सांसद बने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को इस बार इसी सीट से केशरी देवी पटेल को जिताने की जिम्मेदारी है। दूसरे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश भाजपा सरकार में काबीना मंत्री सूर्य प्रताप शाही हैं, जो देवरिया लोकसभा सीट के तहत पथरदेवा विधानसभा सीट से विधायक  उनकी प्रतिष्ठा देवरिया के भाजपा  प्रत्याशी डा. रमापति राम त्रिपाठी को जिताने में दांव पर लगी है। 
देवरिया से 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के वयोवृद्ध नेता कलराज मिश्र जीते थे। जीतने के बाद उन्हें केन्द्र की मोदी सरकार में काबीना मंत्री बनाया गया लेकिन इस बार देवरिया सीट से भाजपा के उम्मीदवार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा.रमापति राम त्रिपाठी हैं।  डॉ. त्रिपाठी संत कबीर नगर से भाजपा के सांसद शरद त्रिपाठी के पिता  हैं। इस बार संत कबीर नगर से शरद त्रिपाठी का तो टिकट काट दिया गया। लेकिन पार्टी ने सम्मान के खातिर उनके पिता डा. रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया से प्रत्याशी बनाया गया। उनका मुकाबला बसपा के उम्मीदवार विनोद कुमार जायसवाल और कांग्रेस  के नियाज अहमद से है। पार्टी की पूरी कोशिश है कि यह सीट हर हाल में भाजपा के पाले में ही जाए।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय 2014 में चंदौली से चुनाव जीतकर केन्द्र की मोदी सरकार में मानव संसाधन राज्य मंत्री बने थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के बाद चार सितंबर 2017 को डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभाली।  उन्हें फिर चंदौली से भाजपा प्रत्याशी बनाया गया है। इस बार डॉ. पाण्डेय का मुकाबला सपा-बसपा गठबंधन के  उम्मीवार संजय चौहान और कांग्रेस की उम्मीदवार शिवकन्या कुशवाहा से है। शिव कन्या 2014 के चुनाव में गाजीपुर से सपा प्रत्याशी थीं। डॉ. पाण्डेय ने चंदौली के सांसद रहते बड़े पैमाने पर विकास के काम कराए हैं। वह केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के सहयोग से  पुल, सड़क, ट्रामा सेंटर और केन्द्रीय विद्यालय बनवा रहे हैं। अपने संसदीय क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों के बूते पर डा. पाण्डेय के सामने  चुनाव जीतने की चुनौती है।