गोरखपुर लोकसभा सीट पर गठबंधन के वोटरों का हौसला भी उपचुनाव के परिणाम से बढ़ा है

गोरखपुर लोकसभा सीट पूर्वंचल की इस सीट पर पिछले तकरीबन 29 साल से बीजेपी का दबदबा रहा है। हालांकि 2०18 में हुए उपचुनाव में उसका यह ताज समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने छीन लिया। इस सीट पर सातवें और अंतिम चरण में वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे 23 मई को आएंगे। मगर इस सीट पर संभवत: पूरे देश की नजरें टिकी होंगी। इस सीट पर बीजेपी ने बॉलीवुड एक्टर रवि किशन को उम्मीदवार बनाया है। उपचुनाव में गठबंधन में सपा के कोटे में गई गोरखपुर सीट पर रामभुआल निषाद प्रत्याशी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री और दो बार विधायक रहे हैं। पिछड़ों के बीच मजबूत पकड़ वाले नेता रामभुआल भाजपा को कांटे की टक्कर दे रहे हैं। गठबंधन के मूल वोटरों का हौसला भी उपचुनाव के परिणाम से बढ़ा-चढ़ा है। भाजपा मोदी के नाम, योगी के काम और गोरखपुर की दो साल में हुई तरक्की की बुनियाद पर चुनाव लड़ रही है। जबकि गठबंधन ने जातिगत समीकरणों का मजबूत ताना-बाना बनाया है।