लखनऊ यूनेस्को क्रिएटिव सिटी के रूप में नामित किया गया


लखनऊ। यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी सूची में लखनऊ भी शामिल होगा। इससे शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को एक नई पहचान मिलेगी। लखनऊ यूनेस्को क्रिएटिव सिटी के रूप में नामित किया गया है। दिल्ली स्थित यूनेस्को के बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, मालदीव, व श्रीलंका के क्लस्टर ऑफिस से नगर निगम को 16 मई को होने वाली बैठक में बुलाया गया है। बैठक में शामिल होने के लिए नगर निगम तैयारी में जुटा है। ऐतिहासिक धरोहरों के साथ लखनऊ की संस्कृति, कलाओं, कृतियों, रचनात्मक क्षेत्र और प्रमुख पहचान का एक प्रस्तुतीकरण तैयार किया जा रहा है। लेकिन विशेष जोर लखनऊ की विलुप्त होते शास्त्रीय व लोक संगीत पर होगा। यूनेस्को क्रिएटिव सिटी में मौजूदा समय में 18० शहर शामिल हैं। क्रिएटिव सिटी में चेन्नई, जयपुर व वाराणसी पहले से नामित है। दो अन्य शहरों को शामिल किया जाना है। इसके लिए सात शहरों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में हर शहर को अपनी विशेषता पर प्रस्तुतीकरण देना है। लखनऊ शास्त्रीय व लोक संगीत (ठुमरी, खयाल, दादरा, चैती, बिरहा आदि) व वाद्य पर अपनी प्रस्तुति देगा। इसका उद्देश्य अन्य क्रिएटिव शहरों के बीच सांस्कृतिक धरोहरों, कलाओं व परम्पराओं को साझा करना होगा। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार, महापौर संयुक्ता भाटिया, अपर नगर आयुक्त अमित कुमार, संगीत नाटक अकादमी की सचिव रूबीना बेग, अभिलाषा बेग आदि शामिल शामिल होंगे। नगर आयुक्त डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि बैठक में शामिल होने की तैयारी अंतिम चरण में है। 'क्रिएटिव सिटी में शामिल होने पर विलुप्त हो रहे लोकसंगीत संगीत को नई दिशा मिलेगी। 'विभिन्न शहरों के संगीत व फिल्म के संगम और प्रस्तुति पर मंथन होगा। 'विलुप्त होती धरोहर को जीवित करने में मदद मिलेगी। 'दूसरे देशों के साथ संगीत साझा होने पर नए अवसर मिलेंगे। युवा वर्ग जुड़ सकेगा। आय का जरिया बढ़ेगा।