मतगणना केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु सी0ए0पी0एफ0, पी0ए0सी0  एवं अन्य पुलिस बलों के व्यवस्थापन के निर्देशित किया गया 
लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2019 

लखनऊ। प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था द्वारा राज्य के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2019 की दिनांक 23 मई, 2019 को होने वाली मतगणना के दृष्टिगत मतगणना केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु सी0ए0पी0एफ0, पी0ए0सी0 एवं अन्य पुलिस बलों के व्यवस्थापन के सम्बन्ध में परिपत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है।
21 मई, 2019 को जारी परिपत्र के अनुसार जनपद गाजीपुर, मऊ, चन्दौली, आजमगढ़ एवं झांसी में ई0वी0एम0 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक संदेशों को लेकर असहज स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। इस तथ्य को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के समर्थकों द्वारा जगह जगह विरोध प्रदर्शन प्रारम्भ कर दिये गये हैं। प्राप्त आसूचना के अनुसार मतगणना के दिन इस तरह की अफवाहों में और वृद्धि होने की सम्भावना है। इसके दृष्टिगत, पुलिस मुख्यालय द्वारा सी0ए0पी0एफ0 एवं पी0ए0सी0 कम्पनियों का आवंटन किया गया है। 
परिपत्र में समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक से मतगणना केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु सी0ए0पी0एफ0, पी0ए0सी0 एवं अन्य पुलिस बलों के व्यवस्थापन के सम्बन्ध में विशेष ध्यान दिये जाने की अपेक्षा की गयी है। इसके अनुसार प्रत्येक स्ट्राॅंग रूम/मतगणना केन्द्र में इनर काॅर्डन की सुरक्षा सी0ए0पी0एफ0 से करायी जाये एवं आवश्यकतानुसार सी0ए0पी0एफ0 के सहायतार्थ निःशस्त्र सिविल पुलिस बल को व्यवस्थापित किया जाये। साथ ही, स्ट्रांग रूम/मतगणना केन्द्र के द्वितीय चक्र की सुरक्षा में पी0ए0सी0 एवं सिविल पुलिस को व्यवस्थापित किया जाये।
मतगणना केन्द्र के बाहर तृतीय चक्र की सुरक्षा में यह ध्यान रखा जाए कि 100 मीटर का दायरा पूर्णतया ैजमतपसप्रमक रखा जाये, इसमें किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को प्रवेश न करने दिया जाये तथा सिविल पुलिस, पी0ए0सी0 एवं होमगाड्र्स का सम्यक व्यवस्थापन किया जाये। परिपत्र में कहा गया है कि यह उचित होगा कि 100 मीटर के बाहर एक अतिरिक्त सुरक्षा चक्र बना लिया जाये ताकि प्रथम 100 मीटर के सुरक्षा चक्र पर ही सम्पूर्ण भार न पड़े।
परिपत्र में यह भी उल्लिखित है कि मतगणना के दौरान सुरक्षा के सम्बन्ध में भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा निर्गत विस्तृत दिशा-निर्देश मुख्यालय के 17 अप्रैल, 2019 तथा 15 मई, 2019 के माध्यम से जारी कर दिये गये हैं। इन परिपत्रों में मतगणना स्थल की सुरक्षा एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के सम्बन्ध में निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत मतगणना केन्द्र परिसर का माइंस डिटेक्टर, मेटल डिटेक्टर आदि सुरक्षा उपकरणों से एण्टी सेबोटाज चेक तथा डाॅग स्क्वाॅयड से चेक कराने, प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर स्थापित कर उन पर प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी लगाए जाने की अपेक्षा की गयी है। 
इसी प्रकार यह निर्देश भी दिए गए हैं कि मतगणना केन्द्र पर आउटर काॅर्डन, इनर काॅर्डन, आइसोलेशन काॅर्डन बनाकर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था (थ्री टियर काॅर्डन) की जाए, जिससे कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना केन्द्र में प्रवेश न कर सके। प्रत्येक मतगणना एजेण्ट फोटोयुक्त अधिकृत पहचान पत्र धारण करेगा व उसको बिना पहचान पत्र के मतगणना केन्द्र की सुरक्षा का प्रथम घेरा (आउटर काॅर्डन) कदापि पार करने नहीं दिया जाएगा। 
इसी तरह प्रत्येक प्रत्याशी, उनके मतगणना एजेण्टों व मतगणना में लगे सभी कर्मियों की पहचान भी उनके पहचान पत्रों द्वारा प्रथम बाहरी काॅर्डन में ही सत्यापित की जाएगी। मुख्य प्रवेश द्वार के पास इस प्रकार की व्यवस्था की जाए कि मतगणना में लगे सभी कर्मियों व उम्मीदवार/एजेण्टों की तलाशी (फ्रिस्किंग) कर ली जाए। यह कार्य स्थानीय पुलिस द्वारा किया जाएगा तथा तलाशी लेते समय शालीनता एवं शिष्टता का व्यवहार किया जाए। महिलाओं की तलाशी (फ्रिस्किंग) के लिए गेट के पास उनकी गरिमा के अनुरूप उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 
मतगणना केन्द्र के बाहर बहुधा विभिन्न राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता/समर्थक भारी संख्या में एकत्र हो जाते हैं, जिनमें आपस में टकराव की सम्भावना बनी रहती है। अतः मतगणना केन्द्र के बाहर एकत्र भीड़ के नियंत्रण हेतु पर्याप्त पुलिस बल आवश्यक संसाधन सहित तैयारी की हालत में रखा जाए। 
यह अपेक्षा भी की गई है कि मुख्य द्वार से प्रवेश करने के बाद प्रत्येक अधिकृत व्यक्ति क्थ्डक् से ही गुजारा जाये। इसके अतिरिक्त वहां पर भ्भ्डक् द्वारा चेकिंग फ्रिस्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। इसके लिए आवश्यक है कि क्थ्डक् एवं भ्भ्डक् का ब्ंसपइतंजपवद प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा चेक कर लिया जाए। मतगणना परिसर के अन्दर प्रत्याशियों, उनके अधिकृत एजेण्टों, मीडिया एवं मतगणना कार्य में नियोजित अधिकारियों/कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। मतगणना केन्द्रों पर प्रेस एवं मीडिया के लोगों के प्रवेश के सम्बन्ध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गये निर्देशों का अनुपालन किया जाए। 
मतगणना हालों पर सुदृृढ़ बैरिकैडिंग करायी जाए तथा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि केवल सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त व्यक्ति ही अन्दर जाए तथा उनका पास/परिचय पत्र स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो। इस स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखी जाए ताकि कोई भी अराजकता वहां पर उत्पन्न न हो सके। इस बिन्दु पर पर्याप्त सतर्क दृष्टि रखी जाए। मतगणना हाल के अन्दर प्रवेश करने वाले व्यक्तियों को डी0एफ0एम0डी0/हैन्ड हेल्ड मेटल डिटेक्टर द्वारा चेक करा कर ही प्रवेश कराया जाए। मतगणना के दौरान वहां उपस्थित प्रत्याशियों, उनके निर्वाचन एजेन्टों व मतगणना एजेन्टों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। मतगणना केन्द्र के अन्दर मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रानिक वस्तुएं ले जाने के सम्बन्ध में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रबन्ध किया जाए।
मतगणना के दौरान यातायात व्यवस्था, पार्किंग तथा आकस्मिकता से निपटने के सम्बन्ध में भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुसार मतगणना स्थल के चारों ओर सुचारू यातायात प्रबन्धन इस प्रकार किया जाए जिससे कि मतगणना स्थल पर असहज स्थिति उत्पन्न न हो सके। प्रेक्षक, प्रत्याशी, मतगणना अभिकर्ता, मतगणना कार्मिक, मतगणना कार्य में लगे अधिकारी/कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी के वाहनों की पार्किंग, राजनैतिक पार्टियों के कार्यकर्ता, जनसाधारण के वाहनों की पार्किंग की पृृथक-पृृथक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पार्किंग योजना के मानचित्र का डिस्प्ले दृृश्य स्थानों पर किया जाए। 
मतगणना केन्द्र के बाहर कोई सड़क दुर्घटना, आपराधिक घटना, जुलूस, शव-यात्रा आदि कारणों से सामान्य शान्ति-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके दृृष्टिगत दंगा नियंन्त्रण उपकरणों से सुसज्जित, समुचित पुलिस प्रबन्ध किया जाए। मतगणना केन्द्र पर अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। मतगणना केन्द्रों पर जिला मजिस्ट्रेट की मदद से बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। पुनर्मतगणना की दशा मंे आवश्यकतानुसार सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत की जाए। एम्बुलेंस/चिकित्सा दल के डाॅक्टरों का फोन नम्बर नियंत्रण कक्ष एवं प्रभारी राजपत्रित अधिकारी के पास उपलब्ध रहना चाहिए।
मतगणना के दौरान एवं परिणाम घोषणा के उपरान्त अपेक्षित शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जातिगत, सामुदायिक अथवा राजनैतिक विभेदों एवं प्रतिस्पर्धाओं के चलते संवेदनशील क्षेत्रों का समय रहते चिन्हीकरण कर लिए जाने, संवेदनशील क्षेत्रों में अराजक एवं शरारती तत्वों का चिन्हीकरण पूर्व से ही कर लिए जाने एवं उन पर सतर्क दृष्टि रखने एवं आवश्यकतानुसार धारा 149 द0प्र0सं0 के अंतर्गत कार्यवाही के भी निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि धारा 144 द0प्र0सं0 के अंतर्गत आवश्यकतानुरूप प्रतिबंधों की घोषणा/क्रियान्वयन, विशेषकर विजय जुलूस के प्रसंग में मा0 उच्चतम न्यायालय एवं अन्य संगत निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। 
आवागमन के मार्गों पर आवश्यक चेकिंग, बाहरी तत्वों का चिन्हीकरण, अस्त्र/शस्त्र पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त एवं दंगारोधी उपकरणों सहित सतर्क पुलिस बलों की तैनाती की जाए। मोबाइल पार्टियों से मतगणना परिसर के आसपास के क्षेत्र का कवरेज एवं वीडियोग्राफी की व्यवस्था की जाए। स्थानीय इलेक्ट्राॅनिक एवं प्रिन्ट मीडिया को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करायी जाएं ताकि अफवाहों का खंडन हो सके। किसी भी अप्रिय घटना के बारे में तत्काल मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के जरिए दूरभाष एवं ई-मेल पर रिपोर्ट प्रेषित की जाए। 
यह निर्देश दिए गए हैं कि परिणाम की घोषणा के उपरान्त कोई भी विजय जुलूस अनुमन्य नहीं है। पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए, जिससे विजयी प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों द्वारा विजय जुलूस नहीं निकाला जा सके। इसके सम्बन्ध में आवश्यकतानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्टेªट से पारस्परिक समन्वय रखकर अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करें। यू0पी0 100 के वाहनों को मतगणना के उपरान्त उत्पन्न परिस्थितियों के दृष्टिगत सतर्क कर दिया जाए कि वह प्रत्येक सूचना पर तत्काल रिस्पाॅन्स करना सुनिश्चित करे।