मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ेंगी


यूपी में एमबीबीएस और पीजी की पढ़ाई के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रदेश के बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केजीएमयू, लोहिया संस्थान समेत प्रदेश के दूसरे कॉलेजों में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 1० प्रतिशत सीटों में इजाफा किया जाएगा। इसकी कवायद तेजी हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों से सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 1० फीसदी सीटें बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव भेजा है। यूपी में करीब 424 सीटें बढ़ेंगी।
प्रदेश में 15 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। इन कॉलेजों में एमबीबीएस की 199० सीटें हैं। वहीं 17 प्राइवेट कॉलेजों का संचालन हो रहा है। इनमें 225० एमबीबीएस की सीटें हैं। केंद्र सरकार ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 1० प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने विभाग को आदेश पर अमल करने को कहा।
424 सीटें बढ़ेंगी: चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि सामान्य वर्ग के आरक्षण के लिए एमबीबीएस की सीटों में इजाफ़े की कोशिश चल रही है। सरकारी कॉलेजों में 199 और प्राइवेट कॉलेजों में 225 एमबीबीएस की सीटें बढ़ सकती हैं। डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि पांच जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत किया जा रहा है। इसमें 7०० सीटें बढ़ेंगी। अगस्त तक प्रक्रिया पूरी होनी है।
केजीएमयू में एमबीबीएस की 25० सीटें हैं। बीडीएस की 7० और एमएस-एमडी की 272 सीटें हैं। केजीएमयू सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया कि सामान्य वर्ग के आरक्षण के लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी। इस संबंध में डीन व विभागाध्यक्षों की आवश्यक बैठक हो चुकी है। एमबीबीएस की 25, बीडीएस की सात और पीजी की 27 सीटें बढ़ाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि बैठक के आधार पर प्रस्ताव एमसीआई को जल्द ही भेजा जाएगा। इस शैक्षिक सत्र से एमबीबीएस, बीडीएस और अगले सत्र से पीजी की बढ़ी सीटों पर दाखिले की उम्मीद जाहिर की है। सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में आरक्षण लागू नहीं होगा। लोहिया संस्थान में एमबीबीएस की 15० सीटें हैं। इस लिहाजा से 15 सीटें बढ़ सकती हैं।