पांचवे चरण के उम्मीदवारों में गंभीर अपराधियों की भरमार 
डीआर/उत्तर प्रदेश इलेक्शन वाच लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण में उत्तर प्रदेश के 14 लोकसभा क्षेत्र देवरिया, सीतापुर, मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बाँदा, फतेहपुर, कोशाम्बी, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज, गोण्ड़ा से चुनाव लड़ रहे 182 में से 178 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विष्लेषण किया गया है। चार उम्मीदवारों (लखनऊ से मेरा अधिकार राष्ट्रीय दल पार्टी के कपिल मोहन चैधरी,  अखिल भारतीय जनसंघ पार्टी के अमर कुमार रायजादा, लखनऊ अमेठी से निर्दलीय दिनेश कुमार, काग्रेस से कैसरगंज संसदीय क्षेत्र से विनय कुमार पाण्डेय) के शपथपत्र स्पष्ट ना होने के कारण उनका विश्लेषण नहीं हो पाया है।

उम्मीदवारों द्वारा घोषित आपराधिक मामले : यूपी इलेक्शन वाच की पांचवे चरण की रिर्पोट के आधार पर विश्लेषण में निकलकर आया की अभी तक हुए पांचो चरणों के विश्लेषण में ज्यादा आपराधिक उम्मीदवार पांचवे चरण में है इस चरण में 178 में से 43 (24 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये हैं। वहीं गंभीर आपराधिक मामले 40 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर है। उम्मीदवारों  द्धारा घोषित आपराधिक मामलों में पहले स्थान पर अमेठी से निर्दलीय प्रत्याशी सरिता एस नायर है जिनके ऊपर सबसे ज्यादा 34 केस दर्ज है और 87 गंभीर धाराए है। 2 केसो में सजा भी पा चुकी हैं, वही दूसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी के आनन्द सेन है जो फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे है उनके ऊपर 8 केस सहित 14 गंभीर धराए है। तीसरे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के अरशद सिद्धीकी है जिनके ऊपर 7 केस सहित 12 गंभीर धराए है। 

करोडपति उम्मीदवार : 178 उम्मीदवारों में से 64 (36 प्रतिशत) उम्मीदवारों की संपत्ति एक करोड़ या इससे ज्यादा है। बीजेपी में 100 प्रतिशत, काग्रेस में 85 प्रतिशत, समाजवादी पार्टी में 100 प्रतिशत, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी 60 प्रतिशत और बहुजन समजापार्टी 100 प्रतिशत, 14 प्रतिशत निर्दलीय उम्मीदवार उम्मीदवार करोड़पति है। करोडपति उम्मीदवारों में पहले स्थान पर लखनऊ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रही समाजवादी पार्टी की पूनम शत्रुघन सिन्हा है जिनकी कुल संपत्ति 193 करोड रूपये से अधिक घोषित की है, वहीं दूसरे स्थान पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के विजय कुमार मिश्रा जो सीतापुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे है, इनकी कुल  संपत्ति 177 करोड रूपये से अधिक घोषित की है। तीसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी से बाॅदा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे श्याम चरण गुप्ता है जिन्होंने अपनी सम्पत्ति 65 करोड से अधिक घोषित की है। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 4.86 करोड़ है, अन्य चरणों के मुकाबले इस चरण में उम्मीदवारों के ओसतन संपत्ति में कमी आई है। वही 13 (7 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपना पैन घोषित नहीं किया है। 

सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवार : पांचवे चरण में सबसे कम संपत्ति घोषित करने वाले बहराईच संसदीय क्षेत्र से शिवसेना के रिंकू सहानी है जिन्होने अपनी संपत्ति 25 हजार घोषित की है वहीं दूसरे स्थान पर कौाशाम्बी सीट से निर्दलीय प्रत्याशी छेद्दू है इन्होंने अपनी संपत्ति 26 हजार घोषित की है वहीं तीसरे स्थान पर फतेहपुर सीट से विकास इन्साफ पार्टी के राजकुमार ने अपनी संपत्ति 30 हजार बताई है। वही केसरगंज लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार मुन्नी ने अपनी सम्पत्ति शून्य घोषित की है। 

शैक्षिक योग्यता : 71 (40 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं से 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 91 (51 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी  शैक्षिक  योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा घोषित की है वहीं 10 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता साक्षर एवं 4 उम्मीदवारों ने अपनी योग्यता असाक्षर घोषित की है। 2 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा घोषित की है। 

उम्मीदवारों की आयु : 101 (57 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 25 से 50 वर्ष के बीच घोषित की है जबकि 74 (42 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 51 से 80 वर्ष के बीच घोषित की है। वही 3 उम्मीदवारों ने अपनी आयु घोषित नहीं की है। 

महिला उम्मीदवार : उत्तर प्रदेश मे लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे चरण में 25 (14 प्रतिशत) महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही है। 

अभी तक चार चरणों में हुए मतदान में एक बात प्रमुख रूप से निकलकर आ रही है कि मतदाताओं के द्वारा बडे पैमाने पर नोटा का प्रयोग किया जा रहा है, राजनैतिक दलों एवं प्रशासन की उदासीनता के कारण दर्जनों गांव में लोगों ने चुनाव का बहिष्कार किया। लोगों को मूलभूत सुविधायें ना मिल पाने के कारण उनकी नाराजगी बहुत अधिक है इसलिए वह चुनाव में बहिष्कार कर रहे है।