प्रतिबंधित ग्रेनाइट खदानों पर खुलेआम पोकलैंड मशीनों से हो रहा अवैध खनन

खनिज विभाग और माफियाओं की सांठ-गांठ से चल रहा अवैध खनन का खेल


सघन जाँच हुई तो उजागर हो सकता है करोड़ो का अवैध खनन


चित्रकूट, । भरतकूप क्षेत्र में गोडा और रौली के पहाड़ों में 22(3) के तहत खान सुरक्षा निदेशालय वाराणसी द्बारा प्रतिबंधित की गई दो दर्जन ग्रेनाइट की खदानों में विभागीय मिली भगत से अवैध खनन का खेल तेजी से जारी है। खदान सुधार की बजाय माफिया भारी भरकम पोकलैण्ड मशीनें लगाकर रातों-दिन अवैध खनन कर रहे हैं। कई वर्षो से चल रहे खनिज सम्पदा को लूटने के खेल की उच्च स्तरीय जाँच हुई तो करोड़ों का अवैध खनन उजागर होगा। कई दशकों से सूखा आदि दैवीय आपदाओं का दंश झेल रहे बुंदेलखंड के सबसे पिछड़े चित्रकूट जिले की खनिज सम्पदा पर माफिया विभागीय अधिकारियों की सांठ-गांठ से डाका डालने में जुटे हैं। भरतकूप के गोडा और रौली गांव की प्रतिबंधित ग्रेनाइट के अवैध खनन से सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व की क्षति हो रही है। इस क्षति से बेपरवाह अधिकारी अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे कामदगिरि प्रमुख द्बार के संत स्वामी मदन गोपाल दास महाराज का कहना है कि नदियों और पहाड़ों पर भारी भरकम मशीनें लगाकर किये जा रहे रहे अधाधुंध अवैध खनन से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर धर्म नगरी के पहाड़ों और नदियों में हो रहे खनन पर रोक लगाने की मांग की जायेगी। कहा कि जरूरत पड़ने पर संत समाज आंदोलन के लिए भी बाध्य होगा। वहीं इस मामले में खान सुधार निदेशालय वाराणसी के उपनिदेशक आर के सिह का कहना है कि भरतकूप क्षेत्र के गोडा और रौली पहाड़ की करीब दो दर्जन खदानों को धारा 22(3)के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद पोकलैंड लगाकर खनन कर माल निकासी करना निदेशालय के निर्देशों का खुला उल्लघंन है। उन्होने कहा कि प्रतिबंधित खदानों में खनन करने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जायेगी।वहीं बंधुआ मुक्मि मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दलसिगार का कहना है कि खनिज विभाग की मिली भगत से भरतकूप क्षेत्र के गोंडा और रौली के पहाड़ों पर माफियाओं द्बारा अवैध खनन कर करोड़ों के सरकारी राजस्व को चूना लगाने के साथ-साथ काम करने वाले गरीब मजदूरों की जिदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बताया कि मोर्चा द्बारा एक वर्ष में खदान में कार्य करते समय मरे मजदूरों की सूची बनाकर केंद्र सरकार से प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करेगी। बताया कि बीती 16 अप्रैल को शिवमंगल सिह की प्रतिबंधित पत्थर की खदान में काम करते समय मरे श्याम बिहारी प्रकरण की आज तक रिपोर्ट दर्ज न होने प्रशासन और माफियाओं के सांठगांठ को प्रमाणित करता है। कहा कि मजदूरों और उनके परिजनों के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय और शोषण नहीं होने दिया जायेगा।