राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल


अमेठी में अपनी उम्मीदवारी का नामांकन जमा करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। हालांकि उस समय जांच के बाद राहुल गांधी के नामांकन को वैध घोषित किया गया। अब फिर से राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। केवल सवाल ही नहीं, इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जवाब भी मांगा गया है। राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी की एक शिकायत के आधार पर नागरिकता निदेशक बी. सी. जोशी ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है।
भारत का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे राहुल गांधी जाने-अनजाने में ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। हालांकि यह गलती है या नहीं, जांच का विषय है। लगभग इसी समय राहुल गांधी को एक झूठे बयान को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की फटकार का सामना करना पड़ा है। उनके झूठ सामने आने के बाद अविश्वसनीयता की खाई और चौड़ी होती जा रही है। बात इतनी-सी होती तो स्वाभाविक तौर पर पच सकती थी, लेकिन जब किसी आरोप में दूसरे देश का नागरिक होने का ठप्पा लगने का दावा किया जाता है, तब मामला बहुत ही गंभीर हो जाता है। अभी राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि ब्रिटेन की एक कंपनी के दस्तावेज में राहुल की नागरिकता ब्रिटिश घोषित की गई है। राज्यसभा सांसद ने गृह मंत्रालय को बताया है कि 2003 में ब्रिटेन में पंजीकृत बैक ऑप्स लिमिटेड नाम की कंपनी में राहुल गांधी निदेशक हैं। साथ ही इस कंपनी में सचिव भी हैं। इस शिकायत का हवाला देते हुए नागरिकता निदेशक ने राहुल गांधी से कहा है कि ब्रिटिश नागरिकता की इस शिकायत पर आप तथ्य सामने रखें और यह पत्र मिलने के 15 दिनों के अंदर गृह मंत्रालय को अपना जवाब दें। ऐसी ही शिकायत अमेठी के एक उम्मीदवार ने भी की थी। उसमें कहा गया था कि राहुल गांधी, राउल विंसी के नाम से ब्रिटेन की एक कंपनी से जुड़े रहे हैं। यहां मुख्य रुप से यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि नागरिकता को लेकर उठे सवालों का राहुल गांधी ने ऐसा कौन-सा प्रमाण प्रस्तुत किया कि जिससे राहुल गांधी का नामांकन वैध हो गया। अगर राहुल गांधी सही हैं तो उन्हें नागरिकता को लेकर नोटिस क्यों दिया गया है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि दाल में कुछ काला है, जो जांच होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
सुना तो यह भी जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष के दो नाम हैं। यह बात कितनी सही है, राहुल गांधी ही बता सकते हैं। फिर सवाल यह आता है कि राहुल गांधी का असली नाम क्या है? राहुल गांधी को लेकर उनकी ब्रिटिश नागरिकता के बारे में जो सवाल उठाए जा रहे हैं, वह कोई नये नहीं हैं। डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी इस बारे में बहुत पहले से खुलकर बोलते रहे हैं।
पहले अमेठी के निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुवलाल और अब राज्यसभा सांसद डॉ. स्वामी ने शिकायत की है कि राहुल गांधी ब्रिटेन की एक कंपनी से जुड़े हुए हैं। उस कंपनी के पास दी गई जानकारी में राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया है। उन्होंने कहा कि जनता का प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत विदेशी नागरिक भारत में चुनाव नहीं लड़ सकता है। किस आधार पर राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया? ऐसा करने पर उनके पास भारतीय नागरिकता रखने का क्या अधिकार है?
नामांकन के बाद राहुल गांधी की पढ़ाई के बारे में भी सवाल खड़े हुए थे। बताया गया कि दस्तावेजों में कहीं राउल विंसी दर्ज है तो कहीं राहुल गांधी लिखा गया है। इस बारे भाजपा नेता डॉ. स्वामी ने पहले बोला था कि राहुल का वास्तविक नाम राउल विंसी ही है। राहुल गांधी के नाम से जनता को भ्रमित किया जा रहा है। यह बात उन्होंने दस्तावेजों के आधार पर ही कही थी। साथ ही उसके प्रमाण भी दिखाए थे। इसी प्रकार स्वामी ने राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी की शिक्षा के बारे में भी सवाल उठाए थे। जो सही साबित हुए थे। डॉ. स्वामी पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वे प्रमाण के आधार पर ही बोलते हैं। नेशनल हेराल्ड का प्रकरण भी उन्होंने ही सामने लाया था। उसमें दोनों मां- बेटा आरोपी हैं। अब राहुल गांधी के समक्ष कठिन परीक्षा जैसी स्थिति पैदा हो गई है। चुनौती यही है कि राहुल गांधी अपने ऊपर लगे आरोपों की क्या सफाई देंगे। अगर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो राहुल गांधी की उम्मीदवारी पर भी खतरा पैदा हो जाएगा और भारत में वोट डालने तक का अधिकार भी नहीं मिलेगा। इससे देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की भी किरकिरी होगी।