तीन लाख रुपये के विवाद में की गई थी बीसी संचालक की हत्या

लखनऊ,। पारा के गायत्रीपुरम में 18 मई 2०18 को हुई बीसी संचालक राजकुमार चौरसिया उर्फ नाग (38) की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सीओ आलमबाग डॉ. संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक आरोपितों ने रुपयों के लेनदेन के विवाद में राजकुमार की हत्या की थी। आरोपितों ने पहले गला दबाकर मौत के घाट उतारा, उसके बाद शव के टुकड़े किए थे। सीओ आलमबाग ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में राम विहार कॉलोनी पारा निवासी अंशू सोनी और वीरेंद्र यादव शामिल हैं। करीब एक साल से पुलिस हत्याकांड का राजफाश करने में लगी थी। छानबीन में पता चला कि वारदात की रात में अंशू ने राजकुमार से आइपीएल के टॉस को लेकर पांच सौ रुपये का सट्टा लगाया था। राजकुमार सट्टा जीत गया था। अंशु पांच सौ रुपये देने के बहाने राजकुमार को लेकर गया था। दोनों ने साथ में अंडे खाए और वापस घर आ गए थे। कुछ देर बाद आरोपित वीरेंद्र के कहने पर अंशू मृतक के घर गया था। अंशू ने राजकुमार को फौरन साथ चलने को कहा। पूछने पर बोला, जल्दी चलो कुछ काम है, वीरेंद्र ने तुम्हें बुलाया है। राजकुमार जब घर से निकल रहा था तो उसके भाई रोहित ने उसे टोका था। इस पर राजकुमार ने दो मिनट में वापस लौटने की बात कही थी। जल्दबाजी में मृतक अपना मोबाइल फोन भी नहीं ले जा पाया था।


राजकुमार को अंशू अपने साथ वीरेंद्र के घर पर ले गया था। यहां पर बातचीत के दौरान वीरेंद्र और राजकुमार में वीसी के रुपयों को लेकर कहासुनी हो गई थी। सीओ आलमबाग ने बताया कि इसी दौरान दोनों आरोपितों ने राजकुमार की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ग्राइंडर ब्लेड से उसके कई टुकड़े कर दिए थे। दोनों ने दो बोरियों में शव को भरा था और फिर गायत्रीपुरम में एक खाली प्लाट देख वहीं पर शव फेंककर भाग गए थे। पूछताछ में आरोपित वीरेंद्र यादव ने पुलिस को बताया कि राजकुमार का उससे बीसी के तीन लाख रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। हत्या से एक माह पहले राजकुमार अंशू के साथ उसके घर पर आया था। इस दौरान राजकुमार ने रुपये मांगे थे और मुहल्ले वालों के सामने उसे काफी अपमानित किया था। यही नहीं, राजकुमार ने रुपये न मिलने पर उसकी कार खींच ले जाने की धमकी दी थी। इसी बात को लेकर आरोपित ने उससे बदला लेने की साजिश रची थी। वीरेंद्र ने अंशू को अपने पक्ष में मिला लिया था और फिर राजकुमार को घर बुलवाकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस को आरोपितों की फुटेज भी मिली थी, जिससे उन्हें वारदात के खुलासे में काफी मदद मिली।