‘‘नीली क्रान्ति’’ की योजना के लिये पंजीकरण 30 सितम्बर तक 
भारत सरकार द्वारा पोषित तथा प्रदेश में संचालित ''नीली क्रान्ति'' की योजना के तहत मत्स्य विकास से संबंधित विभिन्न नवाचार परियोजनाओं का लाभ उठाने के लिए इच्छुक व्यक्ति आगामी 30 सितम्बर तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण मत्स्य विभाग के पोर्टल ीजजचरूध्ध्लिउपेण्नचेकबण्हवअण्पद पर कराया जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित जिला मत्स्य अधिकारी/मत्स्य सहायक निदेशक के कार्यालय से एवं विभागीय वेबसाइटः  ई-मेल-  टोल-फ्री नं0-18001805661 एवं दूरभाष सं0- 0522-2742762 पर सम्पर्क कर सकते हैं। यह जानकारी आज यहां मत्स्य विभाग के निदेशक, एसके सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि परियोजना आधार पर संचालित इस योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 60 प्रतिशत तथा शेष वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत अनुदान के रूप उपलब्ध कराया जाता है। निदेशक ने बताया कि मत्स्य विकास को गति प्रदान करने के लिए इस योजना के तहत मत्स्य तालाबों एवं झीलों का मत्स्य पालन के लिए विकास, मत्स्य बीज उत्पादन हेतु मत्स्य हैचरियों एवं बीज संवर्धन इकाईयों की स्थापना, केज कल्चर, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, मत्स्य पूरक आहार मिलों की स्थापना, सौर ऊर्जा से संचालित मत्स्य प्रबन्धन इकाईयों की स्थापना, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेन्ट के अन्तर्गत कोल्ड चेन एवं कोल्ड रूम की स्थापना सहित मत्स्य विपणन एवं मूल्यवर्धित मत्स्य उत्पादों की बिक्री एवं क्षेत्र विशेष में मत्स्य विकास से संबंधित नवाचार परियोजनायें संचालित की जा सकती है।

श्री सिंह ने बताया कि वर्ष  2020-21 हेतु इस योजना के अन्तर्गत निर्धारित किसी भी मद में यदि कोई भी व्यक्ति निजी भूमि पर कोई कार्य कराना चाहते हों तो वह अपनी चयनित अविवादित भूमि के स्वामित्व के प्रमाण पत्र के साथ आधार कार्ड, बैंक अकाउन्ट नम्बर, बैंक आईएफएससी कोड नम्बर एवं नियमानुसार बने परियोजना प्रस्ताव के साथ अपना पंजीकरण विभागीय पोर्टल पर करा सकता है।