जवाबी फायरिंग में एक सिपाही भी जख्मी हो गया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया
मुखबिर की सूचना पर रविवार की रात को जैतपुर थाना क्षेत्र के तिलक टंडा के पास घेराबंदी की गई
एसपी आलोक प्रियदर्शी और अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार मिश्र ने मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया
जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के बेरमा गांव निवासी शातिर बदमाश रिंकू उर्फ बंगाली हरिजन पुत्र सीताराम के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है। करीब साढ़े चार साल पहले 27 जुलाई 2015 को सुबह आजमगढ़ पुलिस लाइन में तैनात एक इंक्सपेक्टर, 43 सिपाहियों की सुरक्षा में मंडल कारागार से रिंकू उर्फ बंगाली हरिजन समेत 113 बंदियों को पेशी के लिए न्यायालय लाया गया था। न्यायालय परिसर में बने लाकअप में रखा गया था।जहां से रिंकू अपने दो अन्य साथियों बरदहां थाना क्षेत्र के भगवान पुर निवासी कमलेश सरोज और कंधारपुर थाना क्षेत्र के बलाईपुर निवासी कृष्णा विश्वकर्मा के साथ लोहे के नुकीले छड़ से लाकअप में पीछे की तरफ बनी शौचालय की दीवार से ईटें निकालकर फरार हो गया था।
एसपी आलोक प्रियदर्शी और अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार मिश्र ने मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बतौर कि मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार 50 हजार के इनामी रिंकू गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।