प्रदेश सरकार की जीरो टाॅलरेन्स नीति के तहत अभियुक्त उमेश सिंह पर कार्रवाई


  • प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप उच्च न्यायालय द्वारा उमेश सिंह की रिट याचिका खारिज व 5 लाख का जुर्माना


 लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की जीरो टालरेन्स नीति के तहत प्रदेश के अपराधियों पर लगातार नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिसके क्रम में जिलाधिकारी मऊ द्वारा अभियुक्त उमेश सिंह निवासी जनपद मऊ की अवैध रूप से अर्जित की गयी चल/अचल सम्पत्ति को नियमानुसार कुर्क करने का आदेश दिनांक 21.10.2020 व 29.10.2020 को पारित किया गया। इस आदेश के खिलाफ अभियुक्त उमेश सिंह द्वारा मा0 उच्च न्यायालय में रिट याचिका योजित की गयी जिसे उच्च न्यायालय द्वारा खारिज करते हुए अभियुक्त पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।  


राज्य सरकार के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जनपद मऊ, थाना कोतवाली में गैंगेस्टर एक्ट के तहत अभियुक्त उमेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्त उमेश सिंह द्वारा अनवरत अपराध कारित करते हुए आर्थिक लाभ प्राप्त कर अपने व अपने पुत्रों के नाम से अवैध चल/अचल सम्पत्ति (अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 42 लाख) अर्जित की गयी थी, जिसके जब्तीकरण हेतु तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट मऊ द्वारा आदेश पारित किया गया था।

प्रवक्ता ने बताया कि अभियुक्त उमेश सिंह द्वारा उपरोक्त चल/अचल सम्पत्ति अपराध कारित करते हुए अर्जित की गयी थी, जिन्हे कुर्क किये जाने हेतु धारा 14(1) गैंगेस्टर अधिनियम के अन्तर्गत जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश पारित किया गया था, आदेश के विरूद्ध उमेश सिंह द्वारा मा0 उच्च न्यायालय में रिट याचिका योजित की गयी थी। उमेश सिंह द्वारा वर्ष 2010 व 2014 में भी अपराध कारित किया गया था, इस तथ्य को अभियुक्त द्वारा मा0 न्यायालय के संज्ञान मे न लाकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया।
राज्य सरकार द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के संज्ञान में उपरोक्त तथ्य लाये गये। न्यायालय द्वारा तथ्यों का संज्ञान लेते हुए अभियुक्त उमेश सिंह द्वारा तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाते हुए रिट याचिका खारिज कर दी गयी तथा अभियुक्त पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। इसके साथ ही मा0 न्यायालय द्वारा जिला मजिस्ट्रेट, मऊ को निर्देशित किया गया कि यदि अभियुक्त द्वारा 30 दिवस के अन्दर जुर्माना नही जमा किया गया तो उसकी वसूली भू-राजस्व के बकाया की भांति नियमानुसार की जाय।