...पढ़िए योगी ने कैबिनेट बैठक में लगाई 33 प्रस्तावों पर मुहर
...जानिए योगी सरकार ने मंत्रिपरिषद में क्या-क्या महत्वपूर्ण लिए निर्णय  ? 

मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय



लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-


लैंगिक अपराधों से बालकों को संरक्षण अधिनियम, 2012 (पाक्सो एक्ट) के अधीन न्यायालयों में प्रचलित 

आपराधिक वादों तथा बलात्कार से सम्बन्धित अपराधों के आपराधिक वादों के शीघ्र निस्तारण

 हेतु प्रदेश में 218 नियमित न्यायालयों की स्थापना का निर्णय



मंत्रिपरिषद ने लैंगिक अपराधों से बालकों को संरक्षण अधिनियम, 2012 (पाक्सो एक्ट) के अधीन न्यायालयों में प्रचलित आपराधिक वादों तथा बलात्कार से सम्बन्धित अपराधों के आपराधिक वादों के शीघ्र निस्तारण हेतु प्रदेश में 218 नियमित न्यायालयों की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके तहत लैंगिंक अपराधों से बालकों को संरक्षण अधिनियम, 2012 (पाक्सो एक्ट) के अधीन न्यायालयों में प्रचलित आपराधिक वादों तथा बलात्कार से सम्बन्धित अपराधों के आपराधिक वादों के शीघ्र निस्तारण हेतु भारत सरकार की गाइड लाइन की व्यवस्थानुसार मा0 उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 30 जून, 2019 को पाक्सो केसेज से सम्बन्धित जिलावार डाटा की स्थिति के आलोक में 74 एक्सक्लूसिव/डेडीकेटेड कोट्र्स पाक्सो एक्ट केसेज हेतु नियमित न्यायालय गठित किए जाने तथा शेष 144 नियमित कोट्र्स (प्राइमरी रेप केसेज के ट्रायल के साथ-साथ पाक्सो एक्ट केसेज का ट्रायल) कुल 74$144=218 नियमित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय के गठन सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
प्रत्येक न्यायालय पर 75 लाख रुपए प्रति वर्ष व्यय भार होगा। इसके सम्बन्ध में अनुमानित वित्तीय भार 75ग218त्र16350 लाख रुपए प्रतिवर्ष होगा।
बालकों एवं महिलाओं के विरुद्ध हो रही आपराधिक घटनाओं का तत्काल विवेचना कराकर सम्बन्धित आपराधिक मुकदमों को शीघ्रातिशीघ्र एवं त्वरित गति से निस्तारित कराकर दोषियों को दण्डित किए जाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। 


पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना को बलिया से जोड़ने के लिए 'बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे' के विकास हेतु 'परियोजना विकास एवं डी0पी0आर0 परामर्शी' के चयन सम्बन्धी प्रस्ताव अनुमोदित



मंत्रिपरिषद ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना को बलिया से जोड़ने के लिए 'बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे' के विकास हेतु 'परियोजना विकास एवं डी0पी0आर0 परामर्शी' के चयन सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। इसके दृष्टिगत 'बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे' परियोजना का संरेखण निर्धारित करने हेतु आवश्यक सर्वे/अध्ययन कराए जाने, परियोजना की डी0पी0आर0 तैयार कराने, परियोजना विकास एवं क्रियान्वयन हेतु आवश्यक अभिलेख तैयार कराने आदि कार्यों के लिए 'परियोजना विकास एवं डी0पी0आर0 परामर्शी' का चयन किया जाएगा।
'परियोजना विकास एवं डी0पी0आर0 परामर्शी' के चयन के लिए आर0एफ0क्यू0-कम-आर0एफ0पी0 जारी कर तथा उसके सापेक्ष प्राप्त न्यूनतम वित्तीय प्रस्तावों के आधार पर 'परियोजना विकास एवं डी0पी0आर0 परामर्शी' को चयनित किया जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना को बलिया से जोड़ने के लिए 'बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे' के निर्माण से पूर्वांचल क्षेत्र के समस्त जनपदों के लिए प्रदेश की राजधानी से 'आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे' एवं यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से देश की राजधानी तक त्वरित गति की सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। इस लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के उपरान्त प्रदेश के सम्पूर्ण पूर्वांचल क्षेत्र में सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। 04-लेन प्रवेश नियंत्रित लिंक एक्सप्रेस-वे होने के कारण इस एक्सप्रेस-वे से ईंधन की महत्वपूर्ण बचत एवं प्रदूषण नियंत्रण भी सम्भव हो सकेगा। प्रस्तावित बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल क्षेत्र में विभिन्न उद्योगांे की स्थापना सम्भव हो सकेगी। इससे जनसामान्य का प्रत्यक्ष रूप से हित होगा और रोजगार सृजन हो सकेगा।
 
 

जैव विविधता संरक्षण के माध्यम से पर्यावरण सुरक्षा हेतु प्रेरित कर पारिस्थितिकीय सेवाओं की निरन्तरता सुनिश्चित करने एवं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को न्यून करने, वृक्षावरण में वृद्धि एवं कृषि वानिकी को बढ़ावा देकर कृषकों की आय में वृद्धि हेतु व्यक्तिगत कृष्य या अकृष्य भूमि पर अवस्थित कतिपय वृक्ष प्रजातियों को 

उ0प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के उपबन्धों से छूट प्रदान किया जाना



 

मंत्रिपरिषद द्वारा जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को न्यून करने, अनियंत्रित पातन पर नियंत्रण, वृक्षावरण में वृद्धि वानिकी को बढ़ावा दिये जाने तथा कृषकों की आय में वृद्धि हेतु उ0प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 के उपबन्धों में छूट प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है।
उ0प्र0 वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 के उपबन्धों में संशोधन करते हुए अधिसूचना संख्या-2270/14-5-2017-7/1993 दिनांक 31 अक्टूबर, 2017 को निरस्त करते हुए वर्णित प्रस्ताव के दृष्टिगत नवीन अधिसूचना निर्गत किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश के पर्यावरण, जैवविविधता तथा मृदा एवं जल संरक्षण के दृष्टिगत (1) आम (देशी/तुकमी/कलमी), (2) नीम, (3) साल, (4) महुआ, (5) बीजा साल, (6) पीपल, (7) बरगद, (8) गूलर, (9) पाकड़, (10) अर्जुन, (11) पलाश, (12) बेल, (13) चिरौंजी, (14) खिरनी, (15) कैथा, (16) इमली, (17) जामुन, (18) असना, (19) कुसुम, (20) रीठा, (21) भिलावा, (22) तून, (23) सलई, (24) हल्दू, (25) बाकली/करधई, (26) धौ, (27) खैर, (28) शीशम एवं (29) सागौन के वृक्षों को छूट प्रजाति की श्रेणी में न रखा जाए। इन वृक्षों के पातन हेतु उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 के प्राविधानों के अन्तर्गत आॅनलाइन सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त कर काटे जा सकेंगे।
पातन अनुज्ञा प्राप्त करने वाले वृक्ष स्वामी द्वारा काटे गये प्रत्येक वृक्ष के स्थान पर कम से कम 10 वृक्षों का आरोपण एवं परिपोषण किया जाये तथा ऐसा करने का स्थान उपलब्ध न होने की स्थिति में वृक्ष स्वामी द्वारा वन विभाग में निर्धारित प्रतिपूर्ति रोपण धनराशि जमा की जानी होगी। इस धनराशि से वन विभाग द्वारा प्रतिपूर्ति पौध रोपण करवाया जाएगा। इससे वृक्षावरण बढ़ाने एवं सम्बन्धित प्रजाति के संरक्षण में मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश वन निगम वृक्ष स्वामी को अपनी भूमि पर अवस्थित वृक्षों के प्रमाणीकरण की सुविधा प्रदान करेगा।

 ग्रास काॅस्ट काॅन्ट्रैक्ट माॅडल' पर सार्वजनिक-निजी-भागीदारी के आधार पर प्रदेश के 14 शहरों में कुल 700 वातानुकूलित मिडी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर



'ग्रास काॅस्ट काॅन्ट्रैक्ट माॅडल' पर सार्वजनिक-निजी-भागीदारी के आधार पर प्रदेश के 14 शहरों में कुल 700 वातानुकूलित मिडी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित है।
भारत सरकार द्वारा फेम इण्डिया स्कीम-प्प् के अन्तर्गत प्रदेश के कुल 11 शहरों का चयन किया गया है, जिसमें कुल 600 इलेक्ट्रिक बसें निर्धारित की गयी हैं। इस स्कीम में लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी एवं बरेली शहर सम्मिलित हैं, जिसके लिए प्रति बस 45 लाख रुपए का अनुदान भारत सरकार द्वारा दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मथुरा-वृन्दावन, गोरखपुर एवं शाहजहांपुर शहरों में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ, कानपुर, आगरा में 100-100 बसें, प्रयागराज, गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, मथुरा,-वन्दावन, में 50-50 बसें मुरादाबाद, अलीगढ, झांसी, बरेली, गोरखपुर एवं शाहजहांपुर शहरों में 25-25 बसें संचालित की जानी प्रस्तावित हैं। परियोजना की अनुमानित लागत 965 करोड़ रुपये है। परियोजना का क्रियान्वयन पी0पी0पी0 आधार पर किया जा रहा है। परियोजना के क्रियान्वयन हेतु सिंगल स्टेज टू स्टेप प्रक्रिया अपनाई गयी है। निविदा प्रक्रिया में कुल 06 फर्म द्वारा प्रतिभाग किया गया था, जिसमें से 05 निविदाताओं द्वारा आॅनलाइन बिड्स प्रेषित की गयीं, एक निविदादाता द्वारा भौतिक रूप से बिड उपलब्ध करायी गयी। अर्ह पाये गये बिड्स का तकनीकी मूल्यांकन किया गया एवं वित्तीय निविदायें आॅनलाइन खोली गयीं। चारों पैकेज में एल-1 निजी संचालक (आॅपरेटर) च्डप् म्समबजतव डवइपसपजल ैवसनजपवदे च्अजण् स्जकण् ब्वदेवतजपनउ का चयन पी0पी0पी0बी0ई0सी0 द्वारा किया गया है।
इस निजी संचालक से निगोसिएशन के उपरान्त 62.50 रुपए औसत प्रति किलोमीटर व्-ड फीस की दर प्राप्त की गयी है, जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक पैकेज के लिए एक लेटर आॅफ अवाॅर्ड चयनित एल-1 बिडर च्डप् म्समबजतव डवइपसपजल ैवसनजपवदे च्अजण् स्जकण् ब्वदेवतजपनउ को निर्गत किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जनसामान्य को सुविधाजनक आवागमन का साधन उपलब्ध हो सकेगा। इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरणीय दृष्टिकोण से पर्यावरण अनुकूल हैं। 


औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित) के कतिपय प्रस्तरों में संशोधन के सम्बन्ध में



 

मंत्रिपरिषद ने 01 जुलाई, 2017 से वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम लागू हो जाने के कारण औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित) (शासनादेश संख्या 3090/77-6-03-41 (टैक्स)/01 दिनांक 06.11.2003 एवं शासनादेश संख्या 2959/77-6-06-41-टैक्स/01 दिनांक 14.12.2006) के कतिपय प्रस्तरों में निहित प्राविधानों में संशोधन सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है। इसके तहत पूर्व में इकाइयों द्वारा यू0पी0 वैट एवं सी0एस0टी0 के सापेक्ष जमा करायी गयी धनराशि के रूप में अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था को जी0एस0टी0 एक्ट के अन्तर्गत राज्य के अंश की सीमा तक जमा करायी गयी नेट एस0जी0एस0टी0 (इनपुट टैक्स क्रेडिट की धनराशि घटाए जाने के पश्चात) की धनराशि को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
प्रदेश में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के माध्यम से पात्र इकाइयों को उनके द्वारा जमा कराये गये यू0पी0 वैट एवं सी0एस0टी0 के सापेक्ष ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। 01 जुलाई, 2017 से यू0पी0 वैट एक्ट समाप्त कर जी0एस0टी0 एक्ट लागू किए जाने के कारण औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 के कतिपय प्रस्तरों में निहित प्राविधानों में संशोधन की आवश्यकता के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से रोजगार के नए साधनों का सृजन होगा। प्रदेश में परोक्ष व अपरोक्ष रूप से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। 


उ0प्र0 मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2008 के अन्तर्गत एल्कोहलिक लिकर फार ह्यूमन कंजम्शन के निर्माण में प्रयुक्त नाॅन जी0एस0टी0 एल्कोहल पर कर की दर युक्तियुक्त किये जाने के सम्बन्ध में 



मंत्रिपरिषद ने 'उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2008 की धारा 4 की उपधारा (4) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके राज्य सरकार द्वारा प्रान्त के भीतर एल्कोहलिक लिकर फार ह्यूमन कंजम्शन के निर्माण हेतु प्रान्त में बिक्री किये गये नान जी0एस0टी0 एल्कोहल पर कर की दर 5 प्रतिशत, इस शर्त के साथ की जाये कि उ0प्र0 मूल्य संवर्धित कर अधिनियम के अन्तर्गत जारी रिटर्न के साथ विक्रेता व्यापारी द्वारा इस आशय का प्रमाण पत्र आबकारी विभाग उ0प्र0 से प्राप्त कर संलग्न किया जाये कि प्रश्नगत एल्कोहल का प्रयोग एल्कोहलिक लिकर फार ह्यूमन कन्जम्पशन के निर्माण में किया गया है अथवा किया जाएगा', किये जाने का निर्णय लिया गया है। 


शासकीय भवनों के निर्माण कार्य के सम्बन्ध में नीति निर्धारण



मंत्रिपरिषद ने लोक निर्माण विभाग की भवन निर्माण के क्षेत्र मंे विशेषज्ञता तथा विभाग के पास उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है कि समस्त विभागों के 50 करोड़ से अधिक लागत वाले शासकीय भवनों के निर्माण कार्याें के डी0पी0आर0 के गठन का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा। डी0पी0आर0 के गठन पर आने वाले व्यय हेतु धनराशि की व्यवस्था लोक निर्माण विभाग के बजट में करायी जाएगी।
डी0पी0आर0 के गठन के उपरान्त प्रशासकीय विभाग द्वारा परियोजना पर 'व्यय वित्त समिति' की संस्तुति तथा सक्षम स्तर पर अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। इन निर्माण कार्याें के लिए कार्यदायी संस्था के चयन हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा ई0पी0सी0 (इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेन्ट एण्ड कन्स्ट्रक्शन) मोड में ओपन टेण्डर आमंत्रित किये जाएंगे। जिसमें राज्य सरकार व केन्द्र सरकार की निर्माण एजेन्सियां तथा निजी क्षेत्र की तकनीकी दृष्टि से सक्षम ख्याति प्राप्त निर्माण एजेन्सियां प्रतिभाग कर सकेंगी। इस प्रक्रिया के अपनाये जाने से विभिन्न निर्माण एजेन्सियों के मध्य प्रतिस्पर्धा बढे़गी। भवन निर्माण कार्यांे के लिये प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर कार्य कराये जाने के विकल्प उपलब्ध होंगे तथा कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रहेगी। परियोजना के निर्माण में टाइम-ओवर-रन तथा काॅस्ट-ओवर-रन की सम्भावना कम हो जाएगी, जिससे जन सामान्य को परियोजना का लाभ समय से प्राप्त हो सकेगा। परियोजना की लागत में पुनरीक्षण की सम्भावनाएं कम होगी। 


नगर निगम अयोध्या की सीमा विस्तार करने का निर्णय



मंत्रिपरिषद ने नगर निगम, अयोध्या मंे प्रस्तावित राजस्व ग्रामों/क्षेत्रों को सम्मिलित कर इसकी सीमा विस्तार के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार नगर निगम, अयोध्या की सीमा में 41 राजस्व ग्रामों को सम्मिलित किया जाएगा। नगर निगम, अयोध्या के निकटवर्ती ग्रामों में शहरीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उसमें हो रहे अनियोजित विकास को नियोजित करने एवं अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु निकटवर्ती ग्रामों को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, अयोध्या की सीमा विस्तार का प्रस्ताव था। नगर निगम, अयोध्या में 41 ग्रामो-मऊ यदुवंशपुर, कुशमाहा, माझा कुढा केशवपुर, कुढा केशवपुर उपरहार, माझा आशिफबाग, बनबीरपुर, अब्बूसराय, गददौपुर, खोजनपुर, पहाड़गंज, उसरू, पलिया शाहबदी, हांसापुर, चाँदपुर हरवंश, डाभासेमर, गोपालपुर, काजीपुर जमीन मलिकपुर, मलिकपुर, गंजा, पूरे हुसैन खां, जनौरा (बा0न0पा0), सुल्तानपुर बछड़ा, कोरखाना (बा0न0पा0), भीखापुर, नन्दापुर, धर्मपुर सहादत, मिर्जापुर माफी, मिर्जापुर उर्फ शमशुद्दीनपुर, शहनवाँ, देवकाली (बा0न0पा0), शाहजहाँपुर, रानोपाली (बा0न0पा0), आशापुर, तकपुरा, मक्खापुर, हैबतपुर, शाहनेवाजपुर उपरहार, आशिफबाग पाठकपुर उपरहार, माझा बरहटा, जियनपुर तथा माझा शाहनेवाजपुर को सम्मिलित किया गया है।
मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


नगर निगम, गोरखपुर की सीमा विस्तार करने का निर्णय



मंत्रिपरिषद ने नगर निगम, गोरखपुर की सीमा विस्तार करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार 31 राजस्व ग्रामों को सम्मिलित किया जाएगा। नगर निगम, गोरखपुर के निकटवर्ती ग्रामों में शहरीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उसमें हो रहे अनियोजित विकास को नियोजित करने एवं अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु निकटवर्ती ग्रामों को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, गोरखपुर की सीमा विस्तार का निर्णय लिया गया है। नगर निगम, गोरखपुर में 31 ग्रामों-सिक्टोर तप्पा-हवेली, रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी उर्फ खोराबार, भरवलिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गो, मनहट, गायधाट बुजुर्ग, पथरा, बाघरानी, गायघाट खुर्द, सेमरा देवी प्रसाद, गुलरिहा, मुड़िला उर्फ मुण्डेरा, मिर्जापुर तप्पा-खुटहन, करमहां उर्फ कम्हरिया, जंगल तिकोनिया नं0-1, जंगल बहादुर अली, नुरुद्दीन चक, चकरा दोयम, चकरा सोयम, रामपुर, सेन्दुली बेन्दुली, कठवतिया उर्फ कठऊर, पिपरा, झरवा, हरसेवकपुर नं0-2, लक्ष्मीपुर तप्पा-कस्बा, उमरपुर तप्पा-खुटहन तथा जंगल हकीम नं0-2 को सम्मिलित किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


नगर निगम, फिरोजाबाद की सीमा विस्तार करने का निर्णय



मंत्रिपरिषद ने नगर निगम, फिरोजाबाद की सीमा विस्तार करने का निर्णय लिया है। नगर निगम, फिरोजाबाद की सीमा के निकट स्थित आराजी रून्ध (श्रीराम कालोनी) में शहरीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उसमें हो रहे अनियोजित विकास को नियोजित करने एवं अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत आराजी रून्ध को सम्मिलित करते हुए नगर निगम, फिरोजाबाद की सीमा विस्तार का निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद कुशीनगर की नगर पालिका परिषद, पडरौना की सीमा विस्तार करने का निर्णय



 

मंत्रिपरिषद ने जनपद कुशीनगर की नगर पालिका परिषद, पडरौना की सीमा विस्तार करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार 31 ग्रामों को नगर पालिका परिषद, पडरौना की सीमा में सम्मिलित किया जाएगा। जनपद कुशीनगर की नगर पालिका परिषद पडरौना की सीमा के अन्तर्गत व उससे लगे क्षेत्र से बाहर निरन्तर तेजी से बढ़ रही घनी आबादी में नागरिक सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। नगर पालिका परिषद, पडरौना में 31 ग्रामों-नोनिया पट्टी आ0, परसौनी कला, सेवक छपरा, भरवलिया, बधू छपरा, केवल छपरा, बन्दी छपरा, अहिरौली बुजुर्ग, बेलवा मिश्र, रामपुर, मटिहनिया बुजुर्ग, मोती छपरा, भिरवा सरकारी, बलोचहा, सोहरौना, जंगल बेलवा, जंगल बकुलहा, जंगल विशुनपुरा, अहिरौली खुर्द, पदखौली, काटी, मटिहनिया खुर्द, पकड़ी बुजुर्ग, लमुहा, मजरा केवल छपरा, दमवतिया, मिल्की, पलिया, बसडिला, बदल छपरा तथा बदरौना को सम्मिलित किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद शाहजहाँपुर की ग्राम पंचायत, बण्डा को नगर पंचायत बनाने का निर्णय



 

मंत्रिपरिषद ने जनपद शाहजहाँपुर की ग्राम पंचायत, बण्डा को नगर पंचायत बनाने का निर्णय लिया है। नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। इस शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, शाहजहाँपुर द्वारा पत्र दिनांक 05 जून, 2015 एवं 11 अगस्त, 2016 के माध्यम से नगर पंचायत, बण्डा के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। नगर पंचायत, बण्डा के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 14 दिसम्बर, 2016 को निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। इस अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासनादेश दिनांक 12 सितम्बर, 2017 द्वारा कर दिया गया। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद बहराइच के ग्राम पयागपुर को नगर पंचायत, पयागपुर बनाने का निर्णय



 

मंत्रिपरिषद ने जनपद बहराइच के ग्राम पयागपुर को नगर पंचायत, पयागपुर बनाने का निर्णय लिया है। नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, बहराइच के पत्र दिनांक 21 सितम्बर, 2016 द्वारा नगर पंचायत के सृजन सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद बहराइच के ग्राम पयागपुर को नगर पंचायत पयागपुर बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा है। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद बहराइच के ग्राम पयागपुर को नगर पंचायत बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-2833/9-1-2016-36नियम/13 दिनांक 03 जनवरी, 2017 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। यह अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 03 जनवरी, 2017 के प्रकाशित होने के उपरान्त निर्धारित अवधि में कोई भी आपत्ति/सुझाव प्राप्त न होने के कारण अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद सिद्धार्थनगर के ग्राम बढ़नी चाफा को नगर पंचायत, बढ़नी चाफा बनाने का निर्णय



 

मंत्रिपरिषद ने जनपद सिद्धार्थनगर के ग्राम बढ़नी चाफा को नगर पंचायत, बढ़नी चाफा बनाने का निर्णय लिया है। नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर के पत्र दिनांक 17 अप्रैल, 2018 द्वारा शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद सिद्धार्थनगर के ग्राम बढ़नी चाफा को नगर पंचायत बढ़नी चाफा बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-1045/9-1-2018-34टी0ए0/18 दिनांक 30 अगस्त, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। यह अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 30 अगस्त, 2018 के प्रकाशित होने के उपरान्त निर्धारित अवधि में कोई भी आपत्ति/सुझाव प्राप्त न होने के कारण अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है।
 


जनपद बदायूं की ग्राम पंचायत, दहगवां को नगर पंचायत बनाने का निर्णय



 

मंत्रिपरिषद ने जनपद बदायूं की ग्राम पंचायत, दहगवां को नगर पंचायत बनाने का निर्णय लिया है। नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है।
इस शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, बदायूं द्वारा पत्र दिनांक 15 मई, 2017, 27 जुलाई, 2017 व 04 अगस्त, 2018 के माध्यम से नगर पंचायत, दहगवां के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। नगर पंचायत, दहगवां के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 05 नवम्बर, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। इस अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद कानपुर देहात के कस्बा मूसानगर को नगर पंचायत मूसानगर बनाने का निर्णय



 

मंत्रिपरिषद ने जनपद कानपुर देहात के कस्बा मूसानगर को नगर पंचायत मूसानगर बनाने का निर्णय लिया है। नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, कानपुर देहात के पत्र दिनांक 22 फरवरी, 2018 द्वारा जनपद कानपुर देहात के कस्बा मूसानगर को नगर पंचायत मूसानगर बनाए जाने का प्रस्ताव नगर पंचायत सृजन सम्बन्धी शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित सभी मानकों के परिप्रेक्ष्य में उपलब्ध कराया गया। यह प्रस्ताव नगर पंचायत सृजन सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा है। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए नगर पंचायत मूसानगर बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-1498/9-1-2018-18ए0क्यू0/17 दिनांक 03 अगस्त, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किया गया।
यह अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 03 अगस्त, 2018 के विरुद्ध प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-2330/9-1-2018- 18ए0क्यू0/17, दिनांक 15 अक्टूबर, 2018 द्वारा कर दिया गया। इसके उपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद जालौन की ग्राम पंचायत एट को नगर पंचायत एट बनाने का निर्णय



 

मंत्रिपरिषद ने जनपद जालौन की ग्राम पंचायत एट को नगर पंचायत एट बनाने का निर्णय लिया है। नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है।
जिलाधिकारी, जालौन के पत्र दिनांक 08 मई, 2018 व दिनांक 30 अगस्त, 2018 द्वारा जनपद जालौन की ग्राम पंचायत एट को नगर पंचायत एट बनाए जाने का प्रस्ताव नगर पंचायत सृजन सम्बन्धी शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित सभी मानकों के परिप्रेक्ष्य में उपलब्ध कराया गया। यह प्रस्ताव नगर पंचायत सृजन सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा है। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए नगर पंचायत एट बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-2173/9-1-2018-23टी0/14, दिनांक 07 दिसम्बर, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किया गया।
यह अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 07 दिसम्बर, 2018 के सम्बन्ध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या- 1086/9-1-2019-23टी0/14, दिनांक 27 जून, 2019 द्वारा कर दिया गया। इसके उपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है।


जनपद सिद्धार्थनगर के भारत भारी को नगर पंचायत भारत भारी बनाने का निर्णय



मंत्रिपरिषद ने जनपद सिद्धार्थनगर के भारत भारी को नगर पंचायत भारत भारी बनाने का निर्णय लिया है। नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर के पत्र दिनांक 17 अप्रैल, 2018 द्वारा शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद सिद्धार्थनगर के भारत भारी को नगर पंचायत भारत भारी बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा है। इसके दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद सिद्धार्थनगर के भारत भारी को नगर पंचायत बिस्कोहर बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-1044/9-1-2018-33टी0ए0/18, दिनांक 23 जुलाई, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। यह अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 23 जुलाई, 2018 के प्रकाशित होने के उपरान्त शासन/जनपद स्तर पर प्राप्त आपत्ति/सुझाव का निस्तारण शासन के आदेश संख्या-2323/9-1-2019-33टी0ए0/18 दिनांक 16 नवम्बर, 2019 द्वारा कर दिया गया। इसके उपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जिला गोरखपुर के ग्राम चैमुखा (कैम्पियरगंज) को नगर पंचायत बनाये जाने के सम्बन्ध में

 

नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016-426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। उक्त शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, गोरखपुर द्वारा पत्र दिनांक 11 दिसम्बर, 2018 के माध्यम से नगर पंचायत, चैमुखा (कैम्पियरगंज)  के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है।
नगर पंचायत, चैमुखा (कैम्पियरगंज) के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 17 जुलाई, 2019 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है। जिला गोरखपुर के ग्राम चैमुखा (कैम्पियरगंज) को नगर पंचायत बनाए जाने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जिला वाराणसी के ग्राम लोहता को नगर पंचायत बनाये जाने के सम्बन्ध में


नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। इस शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, वाराणसी द्वारा पत्र दिनांक 10 मार्च, 2015 एवं 14 जनवरी, 2016 के माध्यम से नगर पंचायत, लोहता के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है।
नगर पंचायत, लोहता के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 19 जुलाई, 2019 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। उक्त अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है।
जिला वाराणसी के ग्राम लोहता को नगर पंचायत बनाए जाने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जिला कुशीनगर के ग्राम फाजिलनगर को नगर पंचायत बनाये जाने के सम्बन्ध में



 

नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। उक्त शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, कुशीनगर द्वारा पत्र दिनांक 22 जुलाई, 2017, 25 अगस्त, 2017, 20 फरवरी, 2018 एवं 07 अप्रैल, 2018 के माध्यम से नगर पंचायत, फाजिलनगर के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। नगर पंचायत, फाजिलनगर के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 30 जुलाई, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। उक्त अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है। जिला कुशीनगर के ग्राम फाजिलनगर को नगर पंचायत बनाए जाने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जिला कुशीनगर के ग्राम दुदही को नगर पंचायत बनाये जाने के सम्बन्ध में



नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या- 2979/9-1-2016 -426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। उक्त शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, कुशीनगर द्वारा पत्र दिनांक 22 जुलाई, 2017, 25 अगस्त, 2017, 20 फरवरी, 2018 एवं 07 अप्रैल, 2018 के माध्यम से नगर पंचायत, दुदही के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। नगर पंचायत, दुदही के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 30 जुलाई, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। उक्त अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है। जिला कुशीनगर के ग्राम दुदही को नगर पंचायत बनाए जाने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जिला कौशाम्बी के दारानगर कड़ाधाम को नगर पंचायत बनाये जाने के सम्बन्ध में



 

नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016 -426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। उक्त शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, कौशाम्बी द्वारा पत्र दिनांक 28 अगस्त, 2017 के माध्यम से नगर पंचायत, दारानगर कड़ाधाम के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। नगर पंचायत, दारानगर कड़ाधाम के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 28 दिसम्बर, 2017 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। उक्त अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासनादेश दिनांक 15 अक्टूबर, 2018 द्वारा कर दिया गया। जिला कौशाम्बी के दारानगर कड़ाधाम को नगर पंचायत बनाए जाने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है।  


जिला बस्ती के ग्राम गायघाट को नगर पंचायत बनाये जाने के सम्बन्ध में



नगर पंचायत के गठन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। उक्त शासनादेश के अनुसार जिलाधिकारी, बस्ती द्वारा पत्र दिनांक 12 जुलाई, 2018 के माध्यम से नगर पंचायत, गायघाट के सृजन का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। नगर पंचायत, गायघाट के सृजन हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 12 सितम्बर, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। उक्त अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासनादेश दिनांक 07 नवम्बर, 2019 द्वारा कर दिया गया। जिला बस्ती के ग्राम गायघाट को नगर पंचायत बनाए जाने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद सिद्धार्थनगर के कस्बा इटवा को नगर पंचायत इटवा बनाये जाने के सम्बन्ध में



 

नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा /2014 दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर के पत्र दिनांक 19.03.2018 द्वारा नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद सिद्धार्थनगर के कस्बा इटवा को नगर पंचायत इटवा बनाये जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। उक्त के दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद सिद्धार्थनगर के कस्बा इटवा को नगर पंचायत इटवा बनाये जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-1068/9-1-2018-29टी0ए0/15, दिनांक 02 जून, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गये। अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 02 जून, 2018 के प्रकाशित होने के उपरान्त निर्धारित अवधि में कोई भी आपत्ति/सुझाव प्राप्त न होने के कारण अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया।
जनपद सिद्धार्थनगर के कस्बा इटवा को नगर पंचायत इटवा बनाये जाने एवं तत्संबंधी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद फर्रूखाबाद के ग्राम नवाबगंज को नगर पंचायत बनाये जाने के सम्बन्ध में



नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। नगर पंचायत सृजन हेतु तत्कालीन शासनादेश संख्या-2934/9-1-14-426सा/2014, दिनांक 28 अगस्त, 2014 को निरस्त करते हुए उपरोक्त शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 द्वारा नगर पंचायत सृजन हेतु मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, फर्रूखाबाद द्वारा शासनादेश दिनांक 28 अगस्त, 2014 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद फर्रूखाबाद के ग्राम नवाबगंज को नगर पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो उक्त शासनादेश में निर्धारित मानकों में से जनसंख्या के व्यवसाय 75 प्रतिशत से अधिक लोगों के व्यवसाय गैर कृषि के मानक की पूर्ति नहीं कर रहा था। उक्त मानक का शिथिलीकरण का मंत्रिपरिषद की दिनांक 13 दिसम्बर, 2016 की बैठक में अनुमोदन प्राप्त किया गया। तदोपरान्त जनपद फर्रूखाबाद के ग्राम नवाबगंज को नगर पंचायत बनाए जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 28 दिसम्बर, 2016 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 28 दिसम्बर, 2016 के सम्बन्ध में शासन/जनपद स्तर से कोई आपत्ति और सुझाव प्राप्त नहीं हुए हैं। अतः अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया है। जनपद फर्रूखाबाद के ग्राम नवाबगंज को नगर पंचायत नवाबगंज बनाए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद फिरोजाबाद के ग्राम मक्खनपुर को नगर पंचायत मक्खनपुर बनाये जाने के सम्बन्ध में



 

नगर पंचायत के सृजन हेतु शासनादेश संख्या-2979/9-1-2016-426सा /2014 दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, फिरोजाबाद के पत्र दिनांक 12.04.2018 एवं 30.05.2018 द्वारा नगर पंचायत के सृजन संबंधी शासनादेश दिनांक 06 अक्टूबर, 2016 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद फिरोजाबाद के ग्राम मक्खनपुर को नगर पंचायत मक्खनपुर बनाये जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो कि शासनादेश में निर्धारित मानकों की पूर्ति कर रहा था। उक्त के दृष्टिगत सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए जनपद फिरोजाबाद के ग्राम मक्खनपुर को नगर पंचायत मक्खनपुर बनाये जाने हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-1430/9-1-2018-131सा/13, दिनांक 31 जुलाई, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गये। अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 31 जुलाई, 2018 के प्रकाशित होने के उपरान्त शासन/जनपद स्तर पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-3133/9-1-2019-131सा/13, दिनांक 06 जून, 2019 द्वारा कर दिया गया है। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया है। जनपद फिरोजाबाद के ग्राम मक्खनपुर को नगर पंचायत मक्खनपुर बनाये जाने एवं तत्संबंधी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मा0 परिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद आजमगढ़ की नगर पंचायत अजमतगढ़ का सीमा विस्तार किये जाने के सम्बन्ध में



नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, आजमगढ़ द्वारा पत्र दिनांक-13.12.2016 के माध्यम से नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016-426सा /2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद आजमगढ़ की नगर पंचायत अजमतगढ़ का सीमा विस्तार का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। उक्त प्रस्ताव नगर पंचायत के सीमा विस्तार सम्बन्धी उपरोक्त शासनादेश के अनुरूप पाया गया। अतः आजमगढ़ की नगर पंचायत अजमतगढ़ के सीमा विस्तार हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-2370/9-1-2018- 27टी0ए0/15, दिनांक 22 अक्टूबर, 2018 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए।
अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय आदेश संख्या-1498/9-1-2018- 27टी0ए0/15, दिनांक 14 नवम्बर, 2019 द्वारा कर दिया गया। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया है। जनपद आजमगढ़ की नगर पंचायत अजमतगढ़ का सीमा विस्तार किए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है।
 

जनपद बाराबंकी की नगर पंचायत बंकी का सीमा विस्तार किये जाने के सम्बन्ध में



नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, बाराबंकी द्वारा पत्र दिनांक-08 फरवरी, 2018 के माध्यम से नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद बाराबंकी की नगर पंचायत बंकी का सीमा विस्तार का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। उक्त प्रस्ताव नगर पंचायत के सीमा विस्तार सम्बन्धी उपरोक्त शासनादेश के अनुरूप पाया गया। अतः जनपद बाराबंकी की नगर पंचायत बंकी के सीमा विस्तार हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-119/9-1-2019-178सा/13, दिनांक 20 फरवरी, 2019 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय आदेश संख्या-2322/9-1-2019- 178सा/13, दिनांक 16 नवम्बर, 2019 द्वारा कर दिया गया। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अन्तिम रूप दे दिया गया है। जनपद बाराबंकी की नगर पंचायत बंकी का सीमा विस्तार किए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद ललितपुर की नगर पंचायत महरौनी का सीमा विस्तार किये जाने के सम्बन्ध में



 

नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, ललितपुर के पत्र दिनांक 12 अक्टूबर, 2012 द्वारा जनपद ललितपुर की नगर पंचायत महरौनी की सीमा के बाहर के इलाके-बानपुर रोड, टीकमगढ़ रोड, सोजना रोड, नाराहट रोड, मंडी रोड, कंचनपुरा, पूनम नगर, मास्टर कालोनी, पण्डा कालोनी को नगर पंचायत में सम्मिलित किए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया, जो नगर पंचायत के सीमा विस्तार सम्बन्धी तत्कालीन शासनादेश के अनुरूप पाया गया। अतः जनपद ललितपुर की नगर पंचायत महरौनी के सीमा विस्तार हेतु अनन्तिम अधिसूचना संख्या-6717/9-1-2013-194रिट/12, दिनांक-28 जनवरी, 2014 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 28 जनवरी, 2014 के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर कोई आपत्ति/सुझाव प्राप्त नहीं हुए। अतएव अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया है।
जनपद ललितपुर की नगर पंचायत महरौनी का सीमा विस्तार किए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


जनपद बस्ती की नगर पंचायत बभनान बाजार का सीमा विस्तार किये जाने के सम्बन्ध में



 

नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा मानकों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी, बस्ती द्वारा पत्र दिनांक 16 जुलाई, 2015 के माध्यम से नगर पंचायत के सीमा विस्तार हेतु शासनादेश संख्या-450/9-1-2016- 426सा/2014, दिनांक 31 जनवरी, 2015 में निर्धारित मानकों के अनुसार जनपद बस्ती की नगर पंचायत बभनान बाजार का सीमा विस्तार का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। उक्त प्रस्ताव नगर पंचायत के सीमा विस्तार सम्बन्धी उपरोक्त शासनादेश के अनुरूप पाया गया। अतः जनपद बस्ती की नगर पंचायत बभनान बाजार के सीमा विस्तार हेतु अनन्तिम अधिसूचना दिनांक 22 दिसम्बर, 2016 निर्गत करते हुए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए। अनन्तिम अधिसूचना के विरुद्ध शासन/जनपद स्तर पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण शासन के कार्यालय आदेश दिनांक 15 मार्च, 2018 द्वारा कर दिया गया। तदोपरान्त अनन्तिम अधिसूचना को अंतिम रूप दे दिया गया है।
जनपद बस्ती की नगर पंचायत बभनान बाजार का सीमा विस्तार किए जाने एवं तत्सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने हेतु मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्धन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन हेतु मंत्री, नगर विकास विभाग को अधिकृत किये जाने का निर्णय लिया है। 


नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण की बिडिंग प्रक्रिया तथा कन्सेशनायर के चयन के सम्बन्ध में



 

मंत्रिपरिषद द्वारा नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण की बिडिंग प्रक्रिया तथा कन्सेशनायर के चयन हेतु दिनांक 30 मई, 2019 को प्रकाशित ग्लोबल ई-टेण्डर में निर्धारित तिथि के अनुसार दिनांक 06 नवम्बर, 2019 को खोली गईं टेक्निकल ई-बिड्स एवं दिनांक 29 नवम्बर, 2019 को खोली गईं फाइनेंशियल ई-बिड्स, जो पी0एम0आई0सी0 द्वारा संस्तुत हैं, पर अनुमोदन प्रदान किया गया है। साथ ही, खोली गई टेक्निकल ई-बिड्स एवं फाइनेंशियल ई-बिड्स के आधार पर नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर के विकास हेतु ज्युनिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल ए0जी0 को 'सेलेक्टेड बिडर' के रूप में घोषित करने पर अनुमोदन प्रदान किए जाने तथा सेलेक्टेड बिडर को एन0आई0ए0एल0 द्वारा कंडीशनल लेटर आॅफ अवाॅर्ड (सी0एल0ओ0ए0) निर्गत करने हेतु भी अनुमोदन प्रदान किया गया है। मंत्रिपरिषद ने परियोजना के सम्बन्ध में समय-समय पर यथा आवश्यकतानुसार निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया है।