उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष देश में फैले कोरोना महामारी संकट के समय मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया
उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष  मनीष कुमार गुप्ता ने जवाहर भवन में की प्रेस काॅन्फ्रेंस

 

लखनऊ । उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष कुमार गुप्ता ने आज यहां जवाहर भवन स्थित सभागार में प्रेस काॅन्फ्रेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा व्यापारियों/उद्यमियों एवं जनहित में लिये गये निर्णयों को प्रदेश में लागू किये जाने एवं विभिन्न उपलब्धियों तथा 30 जुलाई, 2020 को आयोजित होने वाले बोर्ड की बैठक में रखे जा रहे प्रस्तावों के सम्बंध में अवगत कराया। उन्होंने इस अवसर पर सम्पूर्ण विश्व के साथ देश में फैले कोरोना महामारी संकट के समय प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सुनियोजित प्रयासों से काफी हद तक सुरक्षा और सावधानी से काबू पाये जाने के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति एवं देश में कोरोना संकट एवं लाॅकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था एवं औद्योगिक गतिविधियों को पटरी पर लाने हेतु 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के लिए देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के प्रति आभार व्यक्त किया।

बोर्ड उपाध्यक्ष ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि कल आयोजित होने वाली बोर्ड की बैठक में, जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारिक एवं औद्योगिक प्रतिनिधियों को भी सम्मिलित किये जाने, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बनाने के अभियान में सक्रिय भागीदारी एवं जागरूकता अभियान के लिए बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नरी एवं जिला स्तर पर विभिन्न सम्बंधित विभागों के माध्यम से व्यापारी पंचायतों एवं गोष्ठियों का आयोजन कर व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी एवं जागरूकता एवं स्थानीय समस्याओं का समाधान कराये जाने की कार्ययोजना पर विचार करने के सम्बंध में प्रस्ताव रखा जायेगा।

श्री मनीष गुप्ता ने बताया कि बोर्ड की बैठक में कोरोना महासंकट एवं लाॅकडाउन से प्रभावित होकर बदहाल स्थिति से गुजर रहे प्रदेश के छोटे दुकानदार, मध्यम, लघु, मझौले व्यापारी, कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के संदर्भ में प्रदेश सरकार द्वारा राहत प्रदान किए जाने, उप्र शासन द्वारा संचालित ‘‘व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना’’ (जो कि पंजीकृत व्यापारी के लिए मान्य है) में कोरोना संक्रमण (महामारी) से मृतक रजिस्टर्ड व्यापारी को भी दुर्घटना की श्रेणी में मानते हुए ‘‘व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना’’ का पूर्ण लाभ उपलब्ध कराये जाने सम्बंधी आवश्यक संशोधन/निर्देश प्रदान किये जाने, कोरोना महामारी एवं लाॅकडाउन संकट से उत्पन्न बदहाल आर्थिक संकट के मद्देनजर स्थानीय निकायों, प्राधिकरणों आदि द्वारा वसूले जाने वाले हाउस टैक्स (गृहकर), वाटर टैक्स (जलकर), सम्पत्ति कर आदि में तीन माह के कर के समान राशि की छूट प्रदान किये जाने, विभिन्न राष्ट्रीयकृत/अर्द्धशासकीय बैंकों द्वारा ऋण अदायगी 03 माह के स्थगन के साथ ब्याज माफी पर न्यायोचित/व्यवहारिक निर्णय के संदर्भ में प्रस्ताव रखा जायेगा।

बोर्ड उपाध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 के दुष्प्रभाव से व्यापारी की जिन्दगी थम सी गयी है। अतः केन्द्र सरकार द्वारा इस वर्ग को एमएसएमई का विशिष्ट सहयोगी मानते हुए वार्षिक टर्नओवर का 10 प्रतिशत ऋण के रूप में 7.50 प्रतिशत दर पर 2 वर्ष के लिए दिये जाने, वसूली के लिए मासिक किस्त बनाये जाने, अप्रैल, मई व जून माह उपरोक्त मध्यम वर्गीय कारोबारी पर ऋण के ब्याज से पूर्ण मुक्ति अथवा कम से कम 50 प्रतिशत ब्याज में कमी करने के सम्बंध में प्रस्ताव रखा जायेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड सर्वसम्मति से प्रदेश सरकार के माध्यम से केन्द्र सरकार से यह अनुरोध/प्रस्ताव करेगा कि रू0 40 लाख से रू0 5 करोड़ टर्न ओवर वाले मध्यमवर्गीय कारोबारी को उसकी टर्नओवर के अनुरूप 10 प्रतिशत राशि कम ब्याज पर 2 वर्ष के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाये व लाॅकडाउन काल के तीन माह के समय के ऋण में ब्याज से राहत प्रदान की जाय।

व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बताया कि बैठक में उत्तर प्रदेश साहूकारी अधिनियम में वर्तमान में परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक/व्यवहारिक संशोधनों पर विचार करने के सम्बंध में भी प्रस्ताव रखा जायेगा। व्यापारी कल्याण कोष की स्थापना के पूर्व निर्णय को पुनः स्थापित किए जाने पर विचार करने, बाट-माप अधिनियम को वर्तमान परिस्थितियों में व्यवहारिक बनाये जाने हेतु प्रेषित सुझावों पर विचार करने के सम्बंध में भी प्रस्ताव रखा जायेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा कृषि उत्पादों के निर्बाध व्यापार एवं विक्रय के संदर्भ में लिए गये निर्णय तथा उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा मंडी शुल्क आदि में किए गए संशोधनों के पश्चात् उत्पन्न स्थिति पर विचार करने, प्रदेश के मण्डी परिसरों में वर्तमान में आरोपित/प्रचलित 1.5 प्रतिशत मण्डी शुल्क एवं 0.5 प्रतिशत अधिभार/सेस अर्थात 2 प्रतिशत के स्थान पर मण्डी शुल्क को पूर्णतया समाप्त करके 01 प्रतिशत यूजर चार्ज अथवा विकास शुल्क निर्धारित किये जाने, मण्डी परिसर के अन्दर होने वाले सभी क्रय-विक्रय पर रू0 10 प्रति कुन्तल का यूजर चार्ज अथवा विकास शुल्क निर्धारित किये जाने तथा बोर्ड के सभी पदाधिकारी सदस्यों को प्रोटोकाल आवश्यक सुविधा, मानदेय, भत्ता आदि पर गत बैठक में गठित समिति के आये सुझावों पर विचार एवं निर्णय लेने के सम्बंध में प्रस्ताव रखा जायेगा।