अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव अपने-अपने विभाग की ऑनलाइन सेवाओं को और सुदृढ़ करें:योगी 
मुख्यमंत्री ने ‘ईज़ आफ डुइंग बिज़नेस’ के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की

 

प्रदेश सरकार निवेशकों व आमजन को सरल व सहज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित: मुख्यमंत्री

 

निवेशक व आमजन को व्यवस्थाओं का लाभ एक क्लिक पर प्राप्त हो:योगी 

 

लाइसेंस प्रक्रिया का पूर्ण रूप से सरलीकरण किया जाना अत्यन्त आवश्यक:योगी  

 

वर्ष 2019 की ‘ईज़ आफ  डुइंग बिज़नेस’ की रैंकिंग में राज्य ने पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया:योगी 

 

‘ईज़ आफ  डुइंग बिज़नेस’ के आगामी चरण के लिए और अधिक प्रयास करते हुए सभी सम्बन्धित विभाग एवं एजेंसियां उप्र का प्रदर्शन और बेहतर बनायें:योगी 

 

 

 अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव अपने-अपने विभाग की ऑनलाइन सेवाओं को और सुदृढ़ करें:योगी

 

 

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार निवेशकों व आमजन को सरल व सहज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि ‘ईज़ आफ  डुइंग बिज़नेस’ को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है कि निवेशक व आमजन को व्यवस्थाओं का लाभ एक क्लिक पर प्राप्त हो। इसके लिए लाइसेंस प्रक्रिया का पूर्ण रूप से सरलीकरण किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को इस सम्बन्ध में किये जा रहे प्रयासों को गति प्रदान करने के निर्देश दिये हैं।



मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में ‘ईज़ आफ  डुइंग बिज़नेस’ के सम्बन्ध में आहूत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 की ‘ईज आफ डुइंग बिजनेस’ रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 14वें स्थान पर था। वर्ष 2019 की रैंकिंग में 12 पायदान की छलांग लगाकर राज्य ने पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। ‘ईज़ आफ  डुइंग बिज़नेस’ के आगामी चरण के लिए और अधिक प्रयास करते हुए सभी सम्बन्धित विभाग एवं सरकारी एजेंसियां उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन और बेहतर बनायें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा बिजनेस रिफाॅर्म एक्शन प्लान के आगामी चरण के लिए विभिन्न सुधार सुझाये गये हैं। इन सुधारों को समयबद्ध ढंग से लागू करने के लिए सम्बन्धित विभागों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्ययोजना बनाकर इस सम्बन्ध में कार्यवाही की जाए। सुधारों को लागू किये जाने के सम्बन्ध में उन्होंने भारत सरकार को 30 अक्टूबर, 2020 तक रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सम्बन्धित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव अपने-अपने विभाग की आफलाइन सेवाओं को और सुदृढ़ करें। यह सुनिश्चित करें कि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) निर्गत करने की कार्यवाही में और तेजी आये। एनओसी प्राप्ति के लिए फीस जमा करने की व्यवस्था को सिंगल विण्डो ‘निवेश मित्र’ पोर्टल से जोड़ा जाए। सभी प्रकार की एनओसी तत्काल उपलब्ध कराने के लिए 30 सितम्बर,तक व्यवस्थाओं को आॅनलाइन किया जाए। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग सुधारों को लागू करने के सम्बन्ध में तेजी से कार्यवाही करते हुए 20 सितम्बर, 2020 तक अपनी सेवाओं को आॅनलाइन करे। आबकारी विभाग द्वारा माह सितम्बर, 2020 के अन्त तक प्रस्तावित सुधार लागू कर दिये जाएं। माह अक्टूबर, 2020 तक फिल्म बन्धु को निवेश मित्र पोर्टल से लिंक कर दिया जाए। सम्पत्ति के आॅनलाइन म्यूटेशन की कार्यवाही के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास विभाग निवेशकों को ऑनलाइन सेवाएं देने के लिए तेजी से कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउण्ड आदि के सम्बन्ध में 15 अक्टूबर, 2020 तक आॅनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराए। आवास विभाग द्वारा प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाए, इससे लोगों को सुविधा होगी। आवेदन की शर्ताें को सहज बनाया जाए। मुख्यमंत्री जी ने पटाखों की बिक्री की लाइसेंस व्यवस्था को ऑनलाइन करने के निर्देश दिये। स्टाम्प एण्ड रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा प्रथम चरण में तीन जनपदों में 30 अक्टूबर, 2020 तक सुधारों को लागू किया जाए। राजस्व विभाग सुधारों को ऑनलाइन लागू करने के लिए साॅफ्टवेयर डेवलप करे। पर्यटन विभाग होटल तथा ट्रैवल एजेंसी के पंजीयन एवं नवीनीकरण की ऑनलाइन व्यवस्था लागू करे। न्याय विभाग जिला न्यायालयों में ई-फाइलिंग, ई-सम्मन व्यवस्थाआंे को समयबद्ध ढंग से पूरा करे, जिससे आमजन को कम से कम समय में त्वरित सुविधाएं प्राप्त हो सकें।



बैठक में इन्वेस्ट यूपी द्वारा एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसके अनुसार उत्तर प्रदेश में उद्योग संचालन के लिए वर्तमान में अपेक्षित 43 लाइसेंस/अनापत्ति प्रमाण पत्रों को घटाकर लगभग 21 की संख्या तक कम करना सम्भावित है। इसके लिए पर्यावरण विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, श्रम विभाग तथा खाद्य एवं रसद (बाट एवं माप) विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी। मुख्यमंत्री जी द्वारा यह निर्देश दिये गये कि इन चारों विभागों द्वारा कार्ययोजना को अविलम्ब लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए, जिससे प्रदेश में उद्योग संचालन को और सुगम बनाया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आर.के. तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त  आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री  एस.पी. गोयल, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आवास  दीपक कुमार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार, सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म श्रीमती रोशन जैकब, अधिशासी निदेशक इनवेस्ट यू.पी. श्रीमती नीना शर्मा, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक  शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।